Bengal Election 2026: अजय पाल शर्मा विवाद के बाद बड़ा एक्शन, EC ने फाल्टा के जॉइंट BDO समेत 2 ADM हटाए
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम चरण की वोटिंग से ठीक पहले चुनाव आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर बढ़ते विवाद और राजनीतिक तनाव के बीच चुनाव आयोग ने जॉइंट ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) सौरव हाजरा का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब फाल्टा सीट पर चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा की कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग आमने-सामने नजर आए।

IPS Ajay Pal Sharma controversy का क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी और चुनाव आयोग के विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा सोमवार देर रात केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ टीएमसी नेता जहांगीर खान के आवास पहुंचे थे।
शर्मा ने कथित तौर पर वोटरों को डराने-धमकाने और चुनाव में गड़बड़ी फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी थी। इसके बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। 28 अप्रैल को भी उन्होंने संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च किया और संभावित उपद्रवियों की तलाश में तलाशी अभियान चलाया।
इस कार्रवाई के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई जगहों पर 'गो बैक' और 'जय बांग्ला' के नारे लगाए गए। आरोप लगाया गया कि पुलिस पर्यवेक्षक अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं।
Falta Joint BDO Transferred: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
तनाव बढ़ने के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार देर रात आदेश जारी करते हुए फाल्टा के जॉइंट BDO सौरव हाजरा का तबादला पुरुलिया कर दिया। उनकी जगह राम्या भट्टाचार्य को नियुक्त किया गया है। हालांकि आयोग ने आधिकारिक तौर पर इसे रूटीन ट्रांसफर बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे अजय पाल शर्मा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
इसके अलावा चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) भास्कर पाल और बीरभूम के ADM सौविक भट्टाचार्य को भी चुनाव संबंधी सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया। हालांकि आयोग ने इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया।
Falta Assembly Seat: क्यों संवेदनशील है फाल्टा सीट?
फाल्टा विधानसभा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसका प्रतिनिधित्व टीएमसी के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के करीबी अभिषेक बनर्जी करते हैं। इसी वजह से यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। चुनाव आयोग ने यहां केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की है ताकि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके।
Who Is IPS Ajay Pal Sharma: 'सिंघम' छवि वाले अधिकारी हैं अजय पाल शर्मा
अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के कारण उन्हें 'सिंघम' की छवि वाला अधिकारी माना जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में शर्मा यह कहते नजर आए कि अगर कोई मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक विवाद गहरा गया। टीएमसी ने आरोप लगाया कि शर्मा चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका से आगे बढ़कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ा राजनीतिक तापमान
बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग से पहले फाल्टा समेत दक्षिण 24 परगना के कई इलाकों में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रिकॉर्ड वोटिंग, केंद्रीय बलों की सक्रियता और लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि चुनाव आयोग इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
अब सबकी नजर बुधवार को होने वाली वोटिंग और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता में ममता बनर्जी की वापसी होगी या राज्य में राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।














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