Bengal Election 2026: कौन हैं मनोज अग्रवाल जिन्हें मिली Y+ सिक्योरिटी? ममता के मंत्री को करा चुके हैं अरेस्ट
Bengal Election 2026 Manoj Agarwal: पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गृह मंत्रालय (MHA) ने उन्हें Y-प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला लिया है। बंगाल का चुनाव काफी हाई प्रोफाइल रहता है और अब तक प्रदेश में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है। अग्रवाल देश के तेज-तर्रार आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। उनके एक्शन की वजह से ममता बनर्जी के मंत्री की गिरफ्तारी हुई थी।
प्रदेश में एसआईआर (SIR) को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए गृह मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि मंत्रालय ने सुरक्षा आकलन और हाल के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए यह फैसला लिया है।

मौजूदा हालात की समीक्षा के बाद फैसला
गृह मंत्रालय की कोशिश है कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में किसी तरह की रुकावट न आए। बंगाल में वोटर लिस्ट संशोधन के मुद्दे पर अलग-अलग शहरों में राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं बीएलओ भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
Bengal Election 2026: केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान होंगे तैनात
गृह मंत्रालय की ओर से मिली Y+ सुरक्षा के तहत अब करीब 20 CISF जवान मनोज अग्रवाल और उनके कार्यालय की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। इससे पहले उनके कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस के पास थी। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। चुनाव आयोग ने इसे लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी और गृह मंत्रालय से कार्यालय के दूसरे और तीसरे फ्लोर पर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की थी।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले महीने CEO कार्यालय को 21, एनएस रोड से शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। नए दफ्तर में भी केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती होगी।
Bengal Election 2026: लगातार हो रहे हैं विरोध-प्रदर्शन
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पिछले महीने बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। बीएलओ लगातार सीईओ से मिलने की मांग कर रहे थे और इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया था। इन घटनाओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्यालय और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिया था।
Manoj Agarwal ने संभाली हैं कई बड़ी जिम्मेदारी
- मनोज अग्रवाल 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं। मार्च 2025 में उन्हें पश्चिम बंगाल का मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया था।
- उनके नेतृत्व में ही राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। वह जुलाई 2026 में रिटायर होंगे। कार्यकाल के आखिरी दौर में उन पर चुनाव संपन्न कराने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
- मनोज अग्रवाल ने अपने करियर में कई बड़ी जिम्मेदारियां निभाई हैं। इससे पहले वे राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव रह चुके हैं।
- खाद्य और आपूर्ति विभाग के सचिव रहने के दौरान 2018 में PDS घोटाले से जुड़े मामलों में FIR दर्ज कराने का निर्देश भी उन्होंने ही दिया था। बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया था।
- इस मामले में हाई प्रोफाइल गिरफ्तारी हुई थी। इसी केस में ममता बनर्जी सरकार में तत्कालीन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी भी हुई थी।












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