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कुल कितनी संपत्ति की मालकिन हैं अर्पिता मुखर्जी ? जानिए

कोलकाता, 3 अगस्त: पश्चिम बंगाल के शिक्षा घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में आईं अभिनेत्री और मॉडल अर्पिता मुखर्जी के पास अकूत संपत्ति का पता चला है। अर्पिता और उनके सहयोगी रहे बंगाल के पूर्व कैबिनेट मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता पार्था चटर्जी दोनों इस समय एजेंसी की गिरफ्त में हैं। अभी तक अर्पिता के नाम पर जितनी प्रॉपर्टी और कंपनियों की जानकारी मिली है, उन सबका ब्योरा यहां पेश किया जा रहा है। हालांकि, अभी ईडी की जांच जारी है और काफी कुछ और बड़ा खुलासा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अबतक की छापेमारी में करीब 50 करोड़ कैश बरामद

अबतक की छापेमारी में करीब 50 करोड़ कैश बरामद

बंगाल शिक्षा घोटाले में अभिनेत्री-मॉडल अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी तीन कंपनियां प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दायरे में हैं। संदेह है कि उन्हें इन कंपनियों का तब डायरेक्टर बनाया गया, जब वो ममता बनर्जी सरकार में प्रभावी कैबिनेट मंत्री रहे पार्था चटर्जी के संपर्क में आईं। सिर पर पार्था का हाथ पड़ते ही अर्पिता की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई और वह रातों-रात एक बिजनेस 'टाइकून' बन गईं! अर्पिता तब पूरे देश की नजरों में आ गईं, जब 22 जुलाई को ईडी ने उनके दो-बेड रूम अपार्टमेंट में रेड डाली। वहां से 21.90 करोड़ रुपये कैश, भारी मात्रा में सोने के आभूषण और विदेशी करेंसी बरामद की गई। पांच दिन बाद ही ईडी ने उनके एक और अपार्टमेंट में छापा मारा तो वहां से 27.90 करोड़ रुपये कैश और 5 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और विदेश करेंसी जब्त किया।

तीनों कंपनियों से कैसे जुड़ीं अर्पिता ?

तीनों कंपनियों से कैसे जुड़ीं अर्पिता ?

अभी तक ऐसी तीन कंपनियां मिली हैं, जिसमें अर्पिता मुखर्जी का नाम डायरेक्टर के तौर पर मौजूद है। इंडिया टुडे ने एक विस्तृत छानबीन के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है, जिससे पता चला है कि अर्पिता की ये कंपनियां क्या करती हैं, वह कहां और किस स्थिति में हैं? या सिर्फ पेपर पर चल रही हैं ? इन कंपनियों के नाम हैं- सिंबायोसिस मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड, सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और एच्छे एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड। पेपर पर 2011 में बनी पहली कंपनी कई चीजों की होलसेल कारोबार से जुड़ी है, जिसमें 1 जुलाई, 2021 को अर्पिता को कल्याण धर के नाम का एक को-डायरेक्टर मिला। पेपर पर सेंट्री इंजीनियरिंग स्पेशल-पर्पस मशीनरी बनाती है। वो 9 नवंबर, 2011 को इसकी डायरेक्टर बनाई गईं और कल्याण धर 2018 में एक और डायरेक्टर बहाल हुए। एच्छे एंटरटेनमेंट 29 अक्टूबर, 2014 को बनी और पेपर पर यह एंटरटेनमेंट की बिजनेस से जुड़ी है। अर्पिता इसकी पहली डायरेक्टर थीं। कल्याण 2018 में उसी साल इसके डायरेक्टर बनाए गए, जब उन्हें सेंट्री में भी डायरेक्टर नियुक्त किया गया।

कंपनियों के पते और उनके वजूद में घालमेल

कंपनियों के पते और उनके वजूद में घालमेल

अब इन तीनों कंपनियों के रजिस्टर्ड ऐड्रेस की पड़ताल शुरू की गई। एच्छे एंटरटेनमेंट का जो पता था, उसपर सिर्फ एक लेटरबॉक्स पर छोटे से स्लिप पर इसका नाम लिखा था। बाकी कुछ नहीं। जब ड्यूटी पर मौजूद गार्ड से पूछा गया तो उसने बताया कि इस जगह का इस्तेमाल तो बैंक्वेट हॉल के लिए होता है। जब बिल्डिंग के गार्ड से पूछा गया कि क्या यह शादी का हॉल है और क्या यह पार्था या अर्पिता का है तो उसने कहा, 'हां, यह एक वेडिंग हॉल है, लेकिन मैं नहीं जानता कि यह उनका है। मैंने पार्था साहेब और अर्पिता को दो बार देखा है।' उधर इस पड़ताल में एच्छे एंटरटेनमेंट के पेपर वाले पते और कोलकाता नगर निगम की रिकॉर्ड में दर्ज पते में फर्क पाया गया है। पता चला कि जो ऐड्रेस दिया गया है वह किसी कृष्णा गोपाल कार की प्रॉपर्टी है।

कैसे अचानक बढ़ गई कंपनी की कमाई!

कैसे अचानक बढ़ गई कंपनी की कमाई!

एच्छे एंटरटेनमेंट के कारोबार और वित्तीय स्थिति की पड़ताल करने की कोशिश गई। कंपनी के दस्तावेजों से पता चलता है कि 2014 में बनने के बाद इसने मोटी कमाई की है। स्थापना के एक साल बाद यानी 2015 में कंपनी को सिर्फ 2,201 रुपये का मुनाफा हुआ था। लेकिन, 6 साल बाद इसकी आमदनी बढ़कर 14 लाख रुपये हो गई और उसके पास करीब 40 लाख रुपये का बैलेंस था। इसी कंपनी ने कोलकाता के डायमंड सिटी साउथ में 75 लाख रुपये में 1,187 वर्ग फीट का अपार्टमेंट खरीदा। यही वह प्रॉपर्टी है, जहां से ईडी के अधिकारियों ने 27.90 करोड़ रुपये कैश बरामद किए हैं। अधिकारियों को संदेह है कि एच्छे एंटरटेनमेंट अर्पिता के नाम पर रजिस्टर्ड एक फर्जी कंपनी है, जिसका इस्तेमाल पार्था चटर्जी अपने काले धन को खपाने के लिए कर रहे थे।

सब गोलमाल लग रहा है!

सब गोलमाल लग रहा है!

अब सिंबायोसिस मर्चेंट प्राइवेट लिमिटेड की हकीकत जान लीजिए। इसका आधिकारिक पता 19, नवाब अब्दुल लतीफ स्ट्रीट 22, बेलघरिया, उत्तर 24 परगना, कोलकाता के नाम से दर्ज है। लेकिन, इस ऐड्रेस पर कंपनी का कोई साइन बोर्ड या बैनर नहीं है। बल्कि, यह वही ठिकाना है, जहां अर्पिता की मां रहती हैं। इस पुरानी इमारत में किसी कंपनी के चलने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। ना कोई स्टाफ है और ना ही कोई मजदूर। लेकिन, कंपनी के दस्तावेजों में यहां इसकी सालाना अनिवार्य बैठकें भी होती हैं। अब तीसरी कंपनी की बारी है। सेंट्री इंजीनियरिंग का पता डायमंड सिटी साउथ, टावर-2, फ्लैट नंबर-1 ए, फर्स्ट फ्लोर, कोलकाता के नाम से रजिस्टर्ड है। यह वही फ्लैट है, जहां से ईडी ने पिछले महीने भारी मात्रा में कैश और बाकी बेशकीमती चीजें जब्त की हैं। यह कंपनी भी पेपर पर है और ना ही इसका कोई स्टाफ या कर्मचारी यहां मौजूद है।

कुल कितनी संपत्ति की मालकिन हैं अर्पिता मुखर्जी ?

कुल कितनी संपत्ति की मालकिन हैं अर्पिता मुखर्जी ?

इस तरह से प्रवर्तन निदेशालय ने अर्पिता के ठिकानों से ना सिर्फ लगभग 50 करोड़ कैश और कई करोड़ रुपये के आभूषण और विदेश करेंसी बरामद किए हैं। बल्कि, अभी तक उनसे जुड़ी कम से कम 18 प्रॉपर्टी का पता चला है। इनमें से सिर्फ एक प्रॉपर्टी अर्पिता और ममता के पूर्व मंत्री और टीएमसी से निकाले गए पार्था के नाम पर है। बाकी तीनों कंपनियां और सारी संपत्तियां अर्पिता के नाम पर हैं।

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