बिहार विधानसभा चुनाव 2020 से पूर्व BJP-JDU गठबंधन में रोड़ा बन सकता है रेलवे का यह फैसला?
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 मुहाने पर है और इस बीच चुनाव पूर्व बीजेपी और जदयू के बीच रार का एक नया मुद्दा तैयार हो गया है। दरअसल, रेलवे द्वारा मुंगेर के जमालपुर रेलवे प्रशिक्षण संस्थान को बिहार से उत्तर प्रदेश स्थानांतरित करने के फैसले का बिहार सरकार ने कड़ा विरोध किया है। सीएम नीतीश कुमार ने मामले पर एतराज जताते हुए एक पत्र रेल मंत्री पीयूष गोयल को लिखा है और फैसले को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है।

गौरतलब है केंद्रीय रेल मंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने ब्रिटिश कालीन इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को पुनर्जीवित करने पर बहुत ध्यान केंद्रित किया था। यह संस्थान उन लोगों को प्रशिक्षित करता है, जो सिविल सेवाओं में इंजीनियर के रूप में अर्हता प्राप्त करते हैं।

हालांकि इस प्रकरण पर बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री संजय झा ने बुधवार को एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि 24 अप्रैल को जारी हुए ब्रिटिश युग में बने मुंगेर के जमालपुर स्थित इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट ऑफ मेकेनिकल एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को शिफ्ट करने के आदेश का बिहार कड़ा विरोध करता है।

एक अन्य ट्वीट में जेडीयू नेता ने लिखा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गत 1 मई को रेल मंत्री पीयूष गोयल एक पत्र लिखकर फैसले पर एतजार जताया है और तुरंत फैसला वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि संस्थान रेलवे और बिहार की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि इस महान ऐतिहासिक जुड़ाव को अलग करने के बजाय इसे और मजबूत करने की जरूरत है।

वर्ष 1888 में हुई थी ब्रिटिश कालीन इंजीनियरिंग संस्थान की शुरुआत
मुंगेर जिले में स्थित इंजीनियरिंग संस्थान की शुरुआत ब्रिटिश काल में वर्ष 1888 में हुई थी। संजय झा ने कहा है कि बिहार के मुंगेर जिला में स्थित यह रेल संस्थान राज्य की विरासत का हिस्सा रहा है और सीएम नीतीश कुमार पूरी ताकत लगाकर इसे राज्य से बाहर नहीं जाने देंगे।

मामले पर सीएम नीतीश कुमार ने मजबूती से अपनी बात रख दी है
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने मजबूती से अपनी बात रख दी है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मामले पर उनकी बात को सुनते हुए राज्य के हित में फैसला लेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने राज्य के हितों के साथ कभी समझौता नहीं किया है।

जमालपुर रेल संस्थान बिहार की पहचान भी इससे जुड़ी रही है
संजय झा ने कहा कि जमालपुर रेल संस्थान महज एक कारखाना नहीं है, बल्कि बिहार की पहचान भी इससे जुड़ी रही है, जिसे हम कतई नहीं खो सकते हैं। माना जा रहा है कि निकटतम बिहार विधानसभा चुनाव के देखते हुए यह कदम बीजेपी और जदयू गठबंधन के लिए निर्णायक साबित हो सकता हैं, क्योंकि यह भाजपा के साथ नीतीश के मुश्किल समयों को याद दिलाता है।

वर्ष 2015 में संस्थान को विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने के लिए कहा था
दरअसल, बिहार सीएम नीतीश कुमार ने वर्ष 2015 में उक्त संस्थान को विश्वविद्यालय में अपग्रेड करने के लिए कहा था, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ और वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय संस्थान नामित करने की बिहार की मांग को भी खुले तौर पर खारिज कर दिया था।












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