सेक्स रैकेट के विरोध में बंटी की बेरहमी से हत्या? किडनैपिंग के 5 दिन बाद NH किनारे मिला सड़ा गला शव
Patna Junction Bunty Kidnapping-Murder Case: चेहरा कुचला हुआ, हाथ की जगह सिर्फ हड्डी और पूरे शरीर पर चोट के निशान... पटना के अथमलगोला में 11 जुलाई को एक व्यक्ति का शव मिला जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिस आई पर शव की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा था। शव सड़ना भी शुरू हो चूका था। जांच-पड़ताल के बाद पता चला ये शव उसी बंटी का है जिसकी तलाश पुलिस बीते 4 दिनों से कर रही थी।
6 जुलाई की रात को बंटी पटना जंक्शन के महावीर मंदिर के पास से किडनैप हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी पर कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। अपहरण के 5 दिन बाद 11 जुलाई को बंटी का शव बहुत ही खराब स्थिति में मिला। जहां से किडनैपिंग हुई बंटी का शव वहां से करीब 60-62 किलोमीटर दूर अथमलगोला में नेशनल हाईवे (NH) के किनारे मिला।

किडनैपिंग के 5 दिन बाद मिला सड़ा-गला शव
शव बुरी तरह सड़ चुका था और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। शव का चेहरा पूरी तरह कुचला हुआ था, आंख और नाक बचे नहीं थे। हालत ऐसी थी की शव की पहचान नहीं हो पा रही थी। बायां हाथ सही था, लेकिन दाहिने हाथ में सिर्फ हड्डी बची थी, मांस हट चुका था। पूरे शरीर पर मारपीट के और चोट के गहरे काले निशान थे। शव गलना शुरू हो चुका था इससे ये अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या को कुछ दिन हो चुके हैं। पुलिस ऐसा मान रही है कि बंटी की हत्या कहीं और करके उसका शव यहां फेंक दिया गया है। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि अपहरण के कुछ घंटों के भीतर ही बंटी की हत्या कर दी गई थी।
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अथमलगोला के NH किनारे मिला शव
SDPO-1 रामकृष्ण के बयान के अनुसार शनिवार, 11 जुलाई की शाम को करीब 5 बजे पुलिस को अथमलगोला के NH किनारे शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान बंटी के परिजनों ने की। किडनैपिंग और फिर हत्या किसने और किस मकसद से की इसका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। मौके से FSL टीम ने एविडेंस कलेक्ट कर लिए हैं। कोतवाली थाना पुलिस को भी इस घटना की सूचना देकर जांच में शामिल किया गया है। साथ ही साथ पुलिस आसपास के सभी संभावित रूट के CCTV फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि बरामद हुआ शव करीब पांच दिन पुराना है। जैसा की अनुमान लगाया जा रहा था कि किडनैपिंग के बाद ही बंटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शव की हालत और जहां शव मिला उस जगह को देखकर पुलिस को ऐसा लग रहा है कि आरोपियों ने रात के अंधेरे में लाश को यहां फेंका होगा। NH किनारे सुनसान इलाका होने का फायदा भी अपराधियों को मिला। घटना ने बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिहाज से इस इलाके में दो नए पुलिस TOP भी स्थापित करने वाली है।
दोस्त ने बताई उस रात की पूरी कहानी
बंटी के दोस्त राजीव ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने खेत में शव पड़े होने की सूचना दी थी। उनका कहना है कि शव को देखकर ही लग रहा था कि वह चार से पांच दिन पुराना है। राजीव के मुताबिक, बंटी अपने इलाके में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का लगातार विरोध करता था। दोस्त ने ये भी बताया कि 6 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे किसी ने फोन कर बंटी को महावीर मंदिर के पास बुलाया था, जहां पहले से मौजूद 7-8 लोगों ने उसे किडनैप कर लिया।
कौन था बंटी?
बंटी कुमार पटना के न्यू करबिगहिया का रहने वाला था और फास्ट फूड की दुकान चलाता था। परिवार का कहना है कि घटना वाली रात वह पटना जंक्शन के पास एक दुकान पर दही खरीदने गया था। हालांकि उसके दोस्त ने बताया कि किसी ने उसे कॉल कर के वहां बुलाया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर ब्लैक रंग की स्कॉर्पियो में बैठाकर उसे अपने साथ ले गए। पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में भी कैद हुई थी, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है।
परिवार ने लगाए पुलिस पर कई आरोप
अपहरण के अगले दिन 7 जुलाई को बंटी के परिजनों ने पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। जब काफी समय तक बंटी का कोई सुराग नहीं मिला तो नाराज परिजनों ने थाने में हंगामा भी किया था। परिजनों का आरोप था कि पुलिस कार्रवाई में लापरवाही कर रही है। इसके अगले दिन 8 जुलाई को स्थानीय लोगों ने बंटी के किडनैपिंग और जांच में लापरवाही को लेकर न्यू करबिगहिया में करीब तीन घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान बंटी की बहन गुड़िया देवी ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने इलाके में चल रहे देह व्यापार का विरोध किया था, इसलिए उसे अगवा किया गया है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि अगर दो दिन के भीतर बंटी को बरामद नहीं किया गया तो वह भी स्थानीय लोगों के आंदोलन में शामिल होंगे और सरकार-प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाएंगे। हालांकि इन सब का कोई नतीजा नहीं मिला और बेटे के इंतजार में बैठे परिवार को 5 दिन बाद बंटी की सड़ती हुई लाश मिली।
सेक्स रैकेट का कर रहा था विरोध
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंटी लंबे समय से इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों और कथित सेक्स रैकेट का विरोध कर रहा था। वह इस मुद्दे पर बैठकों और विरोध प्रदर्शनों में भी सक्रिय रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले इसी विवाद को लेकर उसका रवीश उर्फ बीसी नामक व्यक्ति से झगड़ा भी हुआ था। आरोप है कि उसी दौरान बंटी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने ऑटो ड्राइवर रवि उर्फ चंदू को गिरफ्तार किया है। चंदू ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि बंटी को एक जगह से दूसरे जगह तक ले जाने के लिए उसे 10 हजार रुपये दिए गए थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले के अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी है।
बंटी की बहन गुड़िया देवी का कहना है कि उनके भाई की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। उनके मुताबिक, बंटी सिर्फ मोहल्ले के लोगों के साथ मिलकर अवैध गतिविधियों का विरोध कर रहा था और इसी वजह से उसे निशाना बनाया गया। परिवार का आरोप है कि समय रहते पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की होती तो शायद बंटी को बचाया जा सकता था।
SIT का किया गया गठन
मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अब तक पटना जंक्शन और आसपास लगे 70 से 80 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा चुकी है। रेलवे स्टेशन, प्रमुख सड़कों, चौराहों और आसपास के प्रतिष्ठानों के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी चेक की गई है। इसके अलावा बजरंगी और रोहित नाम के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी चल रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और पूछताछ के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
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