B20 Summit: 'भारत डिजिटल क्रांति का चेहरा बन चुका है', पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में 2023 बिजनेस (बी20) 20 शिखर सम्मेलन को संबोधित किया है। यह जी20 और वैश्विक व्यापार समुदाय के बीच का एक आधिकारिक संवाद प्लेटफॉर्म है।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा है कि भारत में त्योहारों के मौसम ने चांद पर चंद्रयान-3 की सफलतापूर्वक लैंडिंग के साथ गति पकड़ ली है। पीएम मोदी ने अपने कीनोट संबोधन में कहा, 'आप (बिजनेस लीडर) ऐसे समय में भारत आए हैं, जब देश में उत्सव का माहौल है।'

'इस बार 23 अगस्त से त्योहारी मौसम शुरू हुआ है'
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में ही चंद्रयान की सफलता पर बात की। वे बोले, 'इस बार भारत में 23 अगस्त से त्योहारी मौसम शुरू हुआ है। यह उत्सव चंद्रयान-3 के चंद्रमा की सतह पर उतरने का है। भारत के चंद्रमा मिशन को सफल बनाने में इसरो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनके साथ ही भारत के उद्योंगों ने भी अहम रोल निभाया है। यह भारत के विकास को तेज करने का उत्सव है। यह इनोवेशन का उत्सव है। यह स्पेस टेक्नोलॉजी की सहायता से निरंतरता और समानता लाने का उत्सव है।'
भारत डिजिटल क्रांति का चेहरा बन चुका है-पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले, 'भारत में है दुनिया का सबसे बड़ा युवा टैलेंट। इंडस्ट्री 4.0 के समय भारत डिजिटल क्रांति का चेहरा बन चुका है। बिजनेस, क्षमता को समृद्धि, रुकावटों को अवसरों और आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदल सकता है। चाहे वे छोटे हों या बड़े, ग्लोबल हों या लोकल, बिजनेस सभी लोगों की प्रगति सुनिश्चित कर सकता है। '
'उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच एक बैलेंस बना रहे'
अपने महत्वपूर्ण संबोधन में पीएम मोदी ने वैश्विक बिजनेस लीडरों से कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने कहा है, 'एक बाजार को तभी फायदेमंद बनाए रखा जा सकता है, जब उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच एक बैलेंस बना रहे.....दूसरे देशों के साथ सिर्फ एक बाजार की तरह बर्ताव करना कभी काम नहीं करेगा। उत्पादक देशों को कभी ना कभी यह नुकसान पहुंचाएगा। प्रगति में सभी को बराबर का भागीदार बनाना ही आगे का रास्ता है। क्या हम सब इस बात पर अधिक विचार कर सकते हैं कि कारोबार को ज्यादा उपभोक्ता-केंद्रित कैसे बनाया जाए?...'
उपभोक्ताओं की चिंताओं पर ध्यान दें- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने दुनिया भर के बिजनेस लीडरों से कहा है कि उपभोक्ताओं की चिंताओं पर ध्यान दें, सिर्फ उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाने से काम नहीं चलेगा।
'हमें आपसी विश्वास में सबसे ज्यादा निवेश करने की आवश्यकता'
इस दौरान पीएम मोदी ने कोविड महामारी का भी जिक्र किया और कहा, '2-3 साल पहले हम सबसे बड़े महामारी की दौर से गुजरे, जिसने सभी देशों, समाज, बिजनेस घरानों और कॉर्पोरेट जगत को एक सबक सिखाया कि हमें आपसी विश्वास में सबसे ज्यादा निवेश करने की आवश्यकता है। भारत ने कोविड के दौरान विश्व को परस्पर विश्वास दिलाया, भारत ने 150 से अधिक देशों को दवाइयां उपलब्ध करवाईं। '
'आने वाले वर्षों में भारत में मध्यम वर्ग सबसे बड़ा होगा'
उन्होंने कहा कि 'आप भारत के साथ जितनी मजबूत दोस्ती रखेंगे, आपकी अर्थव्यवस्था को उतनी ही समृद्धि मिलेगी।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हमारी सरकार की गरीबों की हक वाली नीतियों के चलते आने वाले वर्षों में भारत में मध्यम वर्ग सबसे बड़ा होगा।'
'पृथ्वी के स्वास्थ्य के प्रति भी चिंता करनी चाहिए'
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'भारत ने ग्रीन क्रेडिट सिस्टम लॉन्च किया है, यह एक पृथ्वी के हित वाला दृष्टिकोण है, जिसे सभी देशों को अपनाना चाहिए। हमें एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना होगा, जो पृथ्वी को स्वस्थ बनाए। अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना जरूरी है, लेकिन पृथ्वी के स्वास्थ्य के प्रति भी चिंता करनी चाहिए।'
ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र पर भी फोकस
पीएम बोले कि भारत सौर ऊर्जा की सफलता को ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में भी दोहराने की कोशिश करता रहेगा। ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत महत्वपूर्ण और प्रभावी भूमिका निभाएगा।
'यह विज्ञान और उद्योग दोनों की सफलता है
उन्होंने कहा कि इसरो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ ही भारतीय उद्योगों, एमएसएमई और निजी कंपनियों ने भी इस मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह विज्ञान और उद्योग दोनों की सफलता है।
'नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी फोकस करने की आवश्यकता'
प्रधानमंत्री ने बिजनेस लीडरों से क्रिप्टोकरेंसी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी के लिए ग्लोबल फ्रेमवर्क की आवश्यकता है। उन्होंने टेक्नोलॉजी की अहमियत पर जोर देते हुए 'एथिकल एआई' (नैतिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की जरूरत पर भी फोकस करने की बात कही।












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