Shubhanshu Shukla से पहले इतिहास रचने वाले Rakesh ने क्यों स्पेस में बिताए थे 7 दिन? क्या था मकसद? अब कहां है?

Shubhanshu Shukla Reminds Rakesh Sharma Mission: 25 जून 2025 को भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी। यह 41 साल बाद भारत का दूसरा ऐतिहासिक पल है, जब कोई भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में कदम रख रहा है।

इस मौके पर देश के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा की कहानी फिर से चर्चा में है। 1984 में राकेश शर्मा ने अंतरिक्ष में 7 दिन बिताकर भारत का नाम रोशन किया था। आइए जानते हैं, राकेश शर्मा का अंतरिक्ष मिशन क्या था, और अब वह कहां हैं?

Shubhanshu Shukla Reminds Rakesh Sharma

कैसे पहुंचे राकेश अंतरिक्ष में?

13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में जन्मे राकेश शर्मा भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर और पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। 1970 में वायुसेना में शामिल होने के बाद, उन्होंने 1971 के बांग्लादेश युद्ध में मिग-21 से 21 लड़ाकू मिशनों में हिस्सा लिया। 1982 में उन्हें भारत-सोवियत संयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया। 3 अप्रैल 1984 को राकेश शर्मा ने सोयूज़ टी-11 मिशन के तहत अंतरिक्ष में कदम रखा। उन्होंने दो रूसी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ 7 दिन, 21 घंटे और 40 मिनट अंतरिक्ष में बिताए।

क्या था राकेश के मिशन का मकसद?

राकेश शर्मा का मिशन वैज्ञानिक अनुसंधान पर केंद्रित था। उन्होंने सोवियत वैज्ञानिकों के साथ मिलकर बायोलॉजी, फिजिक्स, और पृथ्वी अवलोकन से जुड़े प्रयोग किए। इनका मकसद था-

  • माइक्रोग्रैविटी का अध्ययन: अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी का मानव शरीर पर प्रभाव समझना।
  • पृथ्वी का अवलोकन: सैटलाइट के जरिए पृथ्वी की सतह और वातावरण की तस्वीरें खींचकर डेटा इकट्ठा करना।
  • योग का प्रभाव: भारहीनता में योग और व्यायाम के प्रभावों का अध्ययन।

इन प्रयोगों ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की समझ को बढ़ाया। 11 अप्रैल 1984 को राकेश अपने दल के साथ कजाकिस्तान में सुरक्षित उतरे।

'सारे जहां से अच्छा'

मिशन के दौरान एक यादगार पल तब आया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राकेश से पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है? राकेश का जवाब था, 'सारे जहां से अच्छा'। यह जवाब भारत की देशभक्ति और गर्व का प्रतीक बन गया, जिसकी गूंज आज भी सुनाई देती है।

अब कहां हैं राकेश शर्मा?

इकोनामिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में राकेश शर्मा तमिलनाडु के शांत और खूबसूरत कुन्नूर में सादगी भरा जीवन जी रहे हैं। वह सुर्खियों से दूर रहते हैं, लेकिन अंतरिक्ष विज्ञान में उनका योगदान जारी है। वह इसरो की गगनयान परियोजना के लिए राष्ट्रीय अंतरिक्ष सलाहकार परिषद में सक्रिय हैं।

राकेश शर्मा की विरासत

राकेश शर्मा का मिशन सिर्फ एक वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं था, बल्कि यह भारत के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। उनके मिशन ने इसरो को उन्नत सैटलाइट और अंतरिक्ष मिशनों के लिए प्रेरित किया। 41 साल बाद शुभांशु शुक्ला के मिशन ने फिर से भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

ये भी पढ़ें- Axiom-4 Missions: 28 घंटे की अंतरिक्ष यात्रा, 14 दिन का मिशन, कौन से 7 अनोखे प्रयोग करेंगे Shubhanshu Shukla?

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+