असम सरकार ने बदला राजीव गांधी नेशनल पार्क का नाम, अब ओरेंग राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाएगा
नई दिल्ली, 02 सितंबर। असम की सरकार ने राजीव गांधी नेशनल पार्क का नाम बदलने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को फैसला लिया है कि राजीव गांधी नेशनल पार्क का नाम बदलकर ओरेंग राष्ट्रीय उद्यान रखने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि आदिवासी और जनजाति समुदाय की मांग को देखते हुए कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि राजीव गांधी नेशनल पार्क का नाम बदलकर ओरेंग राष्ट्रीय उद्यान रख दिया जाए। बता दें कि इससे पहले खेल रत्न पुरस्कार से भी राजीव गांधी का नाम हटा दिया गया था। मोदी सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया था। ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने 41 सल बाद मेडल जीता था, जिसके बाद सरकार ने खेल रत्न का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम से रख दिया।
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बता दें कि 79.28 स्क्वॉयर किलोमीटर के इस जंगल को 1985 में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी घोषित किया गया था, बाद में 1999 में इसे नेशनल पार्क घोषित कर दिया गया था। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर में स्थित यह पार्क दरांग और सोनितपुर जिले के अंतर्गत आता है। यह पार्क मुख्य रूप से रॉयल बंगाल टाइगर, भारतीय गेंडे, जंगली हाथी आदि जानवरों के लिए जाना जाता है।
कैबिनेट में जो अन्य फैसले लिए गए हैं उसमे अलग-अलग जिलों के डेप्युटी कमिश्नर को कोरोना महामारी से जुड़े खर्चों के लिए 660 करोड़ रुपए दिए जाने का फैसला लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री तरुन गोगोई के आधिकारिक आवास पर पहली बार इस सरकार की कैबिनेट की बैठक हुई जिसमे अहम फैसले लिए गए। जिन लोगों की कोरोना से मृत्यु हो गई है उनके परिजनों को प्रार्थना योजना के तहत एक लाख रुपए दिए जाने का भी फैसला लिया गया है। यह सहायता राशि 6500 रिश्तेदारों को दी जाएगी। यह राशि 2 अक्टूबर को परिजनों को सौंपी जाएगी। साथ ही कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर जमुना बोरो और अंतरराष्ट्रीय आर्चर चैंपियन संजय बोरो को एक्साइज इंस्पेक्टर नियुक्त करने का फैसला लिया है। उन्हें 3 सितंबर को नियुक्ति पत्र सौंपा जाएगा।












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