Assam-Arunachal Floods: असम में बाढ़ से हाहाकार, 22 हजार से ज्यादा लोग बेघर, 60 साल पुराना रेलवे पुल ढहा
Assam Flash Floods News: असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। कई इलाकों में आई फ्लैश फ्लड ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। बाढ़ के पानी ने घरों, सड़कों और खेती की जमीनों को अपनी चपेट में ले लिया है।
वहीं असम के धेमाजी जिले में 1965 में बना एक रेलवे पुल का हिस्सा भी ढह गया, जिसके बाद ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ी हैं।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक- दोनों राज्यों में अब तक 22 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर राहत और बचाव कार्य जारी है, जबकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भारी बारिश की चेतावनी दी है।
Assam Flash Floods: असम में बारिश का कहर, 6 जिले बाढ़ की चपेट में
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, राज्य के धेमाजी, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, चिरांग, लखीमपुर और कोकराझार जिलों में बाढ़ का असर देखा गया है। अब तक के जारी आंकड़ों के मुताबिक, 22,124 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित धेमाजी जिला है, जहां अकेले 15,483 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। बाढ़ का पानी 96 गांवों में घुस चुका है और करीब 1,690 हेक्टेयर कृषि भूमि डूब हो गई है। किसानों की फसलें बर्बाद होने लगी हैं, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
ब्रह्मपुत्र और सहायक नदियां उफान पर
लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 48 हजार से अधिक पशु भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। कई पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा है।
60 साल पुराना रेलवे पुल ढहा, रेलवे कनेक्टिविटी टूटी
भारी बारिश के बीच असम के धेमाजी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक रेलवे पुल का हिस्सा अचानक ढह गया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन को ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ीं। नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के अनुसार, यह पुल वर्ष 1965 में बनाया गया था और बाद में इसे ब्रॉडगेज लाइन में बदला गया था।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से नदी के किनारे की जमीन तेजी से कट गई, जिससे पुल का एक पिलर कमजोर हो गया और पुल का हिस्सा ढह गया। हालांकि राहत की बात यह है कि घटना के समय कोई ट्रेन पुल पर नहीं थी और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद अर्चीपाथर और सिमेन चापरी स्टेशनों के बीच ट्रेन सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई हैं।
Arunachal Pradesh में बादल फटने से तबाही, लेकू नदी उफान पर
पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश में कुछ दिन पहले हुए क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) के बाद से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य में अब तक बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण 3 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हैं।
भारी बारिश की वजह से अरुणाचल की लेकू नदी उफान पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इतिहास में पहली बार इस नदी का ऐसा रौद्र रूप देखा है। नदी का पानी असम के जोनाई सब-डिवीजन के 'केदीचुक' समेत कई गांवों को डुबा चुका है। प्रशासन ने चेतावनी जारी की है कि 28 जून से 1 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी, जिससे खतरा और बढ़ सकता है।
अमित शाह ने लिया हालात का जायजा
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और हालात की जानकारी ली। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकारें, आपदा प्रबंधन टीमें और स्थानीय प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन तथा जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले कुछ दिन असम और अरुणाचल प्रदेश के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और भूस्खलन प्रभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की है।














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