Assam Assembly Election: असम में वोटिंग से पहले चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, एग्जिट पोल को लेकर बदल गए नियम
Assam Assembly Election Exit Poll Ban: असम में 126 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले आम चुनावों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराओं का हवाला देते हुए 9 अप्रैल की सुबह 7 बजे से 29 अप्रैल की शाम 6:30 बजे तक किसी भी प्रकार के 'एग्जिट पोल' के संचालन और प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने सभी मीडिया घरानों को इन नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। राज्य में इस बार सत्ताधारी भाजपा नेतृत्व वाले NDA और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है, जहाँ भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है।

Assam Assembly Election 2026: एग्जिट पोल पर पाबंदी की अवधि
चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार, 9 अप्रैल (गुरुवार) सुबह 7 बजे से लेकर 29 अप्रैल (बुधवार) शाम 6:30 बजे तक की अवधि को 'निषिद्ध अवधि' घोषित किया गया है। इस दौरान कोई भी मीडिया संस्थान, चाहे वह प्रिंट हो या इलेक्ट्रॉनिक, चुनाव के रुझान या एग्जिट पोल जारी नहीं कर पाएगा। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना किसी बाहरी प्रभाव के स्वतंत्र रूप से अपना वोट डालने का अवसर देना है।
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Assam Election News in Hindi: 48 घंटे का 'साइलेंस पीरियड'
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान समाप्त होने से ठीक 48 घंटे पहले किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ओपिनियन पोल या अन्य चुनावी सर्वेक्षण दिखाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। धारा 126(1)(b) के तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदान के अंतिम चरणों में किसी भी तरह के विज्ञापनों या सर्वे के जरिए जनता के मत को प्रभावित न किया जा सके। नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
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भाजपा बनाम कांग्रेस: मुख्य मुकाबला
असम की 126 सीटों पर इस बार मुख्य लड़ाई मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई वाली भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच है। भाजपा जहाँ अपने विकास कार्यों और 'डबल इंजन' सरकार के दम पर लगातार तीसरी जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने और सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की कोशिश में जुटी है। दोनों दलों ने गठबंधन के साथ अपनी ताकत झोंक दी है।
पिछले चुनाव (2021) का गणित
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा, AGP और UPPL के गठबंधन (NDA) ने 75 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था, जिसमें अकेले भाजपा ने 60 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर, कांग्रेस और AIUDF का 'महाजोत' गठबंधन केवल 16 सीटों पर सिमट गया था। पिछले चुनाव में असम के मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए 86.2 प्रतिशत का भारी मतदान किया था, जो राज्य की जागरूक लोकतांत्रिक छवि को दर्शाता है।












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