C Voter Survey: क्या CAA-NRC से होगा बीजेपी को असम में नुकसान? सर्वे में सामने आई बड़ी बात
नई दिल्ली: असम में विधानसभा चुनाव के लिए दो दिन बाद पहले चरण को वोटिंग होगी। जिस वजह से सभी पार्टियां युद्धस्तर पर प्रचार अभियान में जुटी हैं। एक ओर घुसपैठ, आतंकवाद के खात्मे का मुद्दा उठाकर बीजेपी फिर से सत्ता में वापस आना चाहती है, तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी CAA, NRC जैसे मुद्दों को भुनाने में जुटी है। वैसे असम में कौन सरकार बनाएगा ये तो 2 मई को पता चलेगा, लेकिन कुछ ओपिनियन पोल के नतीजे आ गए हैं।

न्यूज चैनल ABP ने सी वोटर के साथ मिलकर असम में एक चुनावी सर्वे करवाया, जिसमें वोटिंग से पहले जनता का मूड जानने की कोशिश की गई। इस सर्वे में बीजेपी को 65 से 73 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं कांग्रेस के खाते में 52-60 सीटों को दिखाया गया है। इसके अलावा 0-4 सीटों पर अन्य दलों के कब्जे की उम्मीद है। असली परिणाम आने में महीनेभर से ज्यादा का वक्त है, लेकिन बीजेपी हाईकमान के लिए ये पोल एक राहतभरी खबर है।
पिछले चुनाव में क्या था हाल?
आपको बता दें कि असम विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, जिसमें से 64 बहुमत का आंकड़ा है। 2016 के चुनाव में एनडीए ने राज्य में कुल 87 सीटें जीती थीं। जिसमें बीजेपी के खाते में 64, एजीपी के पास 14 और बीपीएफ की 12 सीटें थीं। इस बार चुनाव आयोग ने तीन चरण में चुनाव करवाने का फैसला लिया है। जिसके तहत 27 मार्च, 1 और 6 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि 2 मई को रिजल्ट आएगा।
असम के लिए CAA-NRC अहम?
राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू तो हो गया है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा विरोध असम में हुआ। एनआरसी लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम इस लिस्ट में आए। पिछले साल बिहार में विधानसभा चुनाव हुए थे, लेकिन तब दोनों का ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा, लेकिन अब असम विधानसभा चुनाव CAA-NRC के लिए अग्निपरीक्षा की तरह है।












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