पेट्रोल का दाम 82 रुपये प्रति लीटर या इससे कम क्यों होना चाहिए? अरविंद केजरीवाल ने समझाया पूरा गणित
Arvind Kejriwal Press Conference: आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल की कीमतों पर एक बार फिर चिंता जताई है। 9 जुलाई (गुरुवार) को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कान्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने मांग की है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद अब देश भर में पेट्रोल की कीमत मोदी सरकार द्वारा कम की जानी चाहिए।
केजरीवाल के अनुसार भारत में पेट्रोल की कीमत 82 रुपये प्रति लीटर या उससे भी कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा, शुद्ध पेट्रोल कीमत 82 रुपये प्रति लीटर होना चाहिए ना कि E20 पेट्रोल। केजरीवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों को समझाया कि आखिर पेट्रोल की कीमत क्यों कम होनी चाहिए?

आखिर पेट्रोल की कीमत क्यों कम होनी चाहिए?
इनकम टैक्स विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए केजरीवाल के अनुसार कच्चे तेल की वर्तमान कीमत बाजार में 70 डॉलर प्रति बैरल है अगर इसे प्रचलित विनिमय दर के अनुसार रुपये में कन्वर्ट केया जाए तो कच्चे तेल की लागत 42 रुपये प्रति लीटर आती है।
केजरीवाल ने बताया हमने पेट्रोल की ये कीमत निर्धारित करते हुए अन्य सभी टैक्स को अपरिवर्तित रखा है यानी उसमें कोई बदलाव या किसी को कम नहीं किया है। जिसमें ओएमसी मार्जिन और परिवहन लागत (9 रुपये प्रति लीटर), केंद्रीय कर (12 रुपये प्रति लीटर), 25% का औसत राज्य वैट (16 रुपये प्रति लीटर) और डीलर कमीशन (3 रुपये प्रति लीटर) शामिल हैं।
पेट्रोल की कीमत 82 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए
इन सभी को ऐड करने के बाद शुद्ध पेट्रोल की कीमत 82 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए। केजरीवाल ने कहा अगर यह E20 पेट्रोल है, तो मुझे इस बात पर पूरा विश्वास है कि पेट्रोल की कीमत इससे भी कम लगभग 70 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए। ध्यान रहे वर्तमान समय में पेट्रोल की कीमत लगभग 102 रुपये है। यानी पूरे 12 रुपये महंगा।
डीजल की कीमत भी हो सकती है कम
अरविंद केजरीवाल ने इसके साथ ही समझाया कि इसी तरह डीजल की कीमतों में भी कमी की जा सकती है। उन्होंने बताया ऐसे ही सारे टैक्स जाेड़ने के बावजूद सरकार चाहे तो पेट्रोल के साथ डीजल की कीमतों में कमी की जा सकती है।
मुद्रास्फीति पर लगेगा अंकुश, महंगाई होगी कम
केजरीवाल ने दावा किया कि अगर पेट्रोल की कीमत कम होती है तो इससे मुद्रास्फीति पर काफी हद तक अंकुश लगेगा और भारत के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। केजरीवाल ने बताया कि चूंकि पेट्रोल और डीजल परिवहन की लागत को सीधे प्रभावित करते हैं इसलिए सस्ता ट्रांसपोर्ट कई अन्य जरूरी चीजों की कीमतों को कम करेगा। उदाहरण के लिए खाद्य सामग्रियों समेत अन्य आम इंसान की जरूरत का सामान के एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का खर्च भी कम आएगा जिससे लागत कम आएगी और महंगाई पर भी अंकुश लगेगा।
कितने पढ़े लिखें हैं अरविंद केजरीवाल?
अरविंद केजरीवाल ने 1985 में IIT-JEE परीक्षा में 563 रैंक हासिल की थी और आईआईटी 1989 में IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (B.Tech) की डिग्री हासिल की है। इसके बाद भारतीय राजस्व सेवा (IRS - इंडियन रेवेन्यू सर्विस) में सलेक्ट हुए और 2016 में समाजसेवा और सक्रिय राजनीति में आकर देश की सेवा करने के लिए इनकम टैक्ट विभाग से ज्वाइंट कमिश्नर से इस्तीफा दे दिया था।













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