अनुच्छेद 370 खत्म होने पर जेटली बोले- मोदी,शाह को एतिहासिक गड़बड़ी सुधारने के लिए बधाई

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में लागू अनुच्छेद 370 खत्म करने का बड़ा फैसला लिया। राज्यसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 30 से हटाने का संकल्प पेश किया। उन्होने कहा कि जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा जाएगा। जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित और लद्दाख एक केंद्र शासित प्रदेश बनेगा। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं होगी। देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने अनुच्छेद 370 खत्म करने के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह को बधाई दी।

जेटली ने मोदी-शाह को दी शुभकामनाएं

जेटली ने मोदी-शाह को दी शुभकामनाएं

बीजेपी नेता अरुण जेटली ने ट्वीट कर लिखा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह को एक ऐतिहासिक गड़बड़ी को सुधारने के लिए मेरी बधाई। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 को खत्म करने का एक वर्ग लंबे समय से मांग कर रहा था। वहीं अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को लेकर कहा कि इसका सहारा लेकर तीन परिवारों ने सालों तक जम्मू-कश्मीर को लूटा है। वहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इसका विरोध करते हुए कहा कि हम भारत के संविधान के साथ खड़े हैं। हम हिंदुस्तान की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा देंगे, लेकिन आज बीजेपी ने संविधान की हत्या कर दी है।

अनुच्छेद 370 पर उठाए सवाल

जेटली ने एक और ट्वीट करके कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत में एकीकरण अक्टूबर 1947 में हुआ। अनुच्छेद 370, 1952 में प्रभाव में आया। अनुच्छेद 35 ए 1954 में लागू हुआ। मतलब क्रमशः चार और सात सालों का फर्क है। अनुच्छेद 370 और 35 ए भारत में विलय की शर्त कैसे थी? उन्होंने कहा कि आज एतिहासिक गलती ठीक हो गई। अनुच्छेद 35ए भारत के संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत प्रक्रिया का पालन किए बिना पिछले दरवाजे से आया था। इसे जाना ही था।

राष्ट्रपति की और से जारी हुआ आदेश

राष्ट्रपति की और से जारी हुआ आदेश

वहीं राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की ओर से जारी संवैधानिक आदेश में जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की घोषणा की गई। इसकी धोषणा देश के गृहमंत्री अमित शाह ने राज्‍यसभा में की। इस पर बीजेपी के नेता और राज्यसभा सांसद मैं सही साबित हुआ। अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत नहीं है। अमित शाह ने संसद को सूचित कर दिया है कि राष्ट्रपति ने पहले ही इसे अधिसूचित कर दिया था। अनुच्छेद 370 की आज मौत हो गई।

महबूबा मुफ्ती क्या बोली?

महबूबा मुफ्ती क्या बोली?

पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए ट्वीट किया कि आज भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन है। जम्मू कश्मीर के नेतृत्व का 1947 में 2-राष्ट्र थ्योरी को खारिज कर भारत में शामिल होने का निर्णय उल्टा साबित हुआ। भारत सरकार का अनुच्छेद 370 को हटाने का और फैसला असंवैधानिक और अवैध है। अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के बाद कश्मीर में सुरक्षा बल और ज्यादा मुस्तैद हो गए हैं।

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