गृह मंत्री Amit Shah की दो टूक- भारत-चीन सीमा पर ITBP जवान मुस्तैद, कोई नहीं छीन सकता एक भी इंच जमीन
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की आक्रामकता के बाद डोकलाम में भारतीय सीमा के पास बस्तियों के निर्माण की खबरें आने के बाद सरकार कठघरे में है। अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, कोई भारत की एक इंच जमीन नहीं छीन सकता।

Amit Shah ने कहा, भारत-चीन सीमा की कभी चिंता न करें क्योंकि ITBP उनकी रक्षा करती है और कोई भी भारत की एक इंच जमीन भी नहीं छीन सकता। शनिवार को शाह ने कहा, वह भारत-चीन सीमा के बारे में कभी चिंतित नहीं होते। वह जानते हैं कि आईटीबीपी के जवान भारत-चीन सीमाओं की रखवाली कर रहे हैं और इस वजह से कोई भी भारत की एक इंच जमीन पर भी कोई कब्जा नहीं कर सकता।
शाह कर्नाटक के देवनहल्ली क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के नवनिर्मित भवनों के उद्घाटन और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) के एक केंद्रीय जासूस प्रशिक्षण संस्थान (सीडीटीआई) की आधारशिला रखने आए थे। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में देश के प्रति समर्पित सेवा के लिए आईटीबीपी के हिमवीरों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सरकार जवानों की सेवा शर्तों को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। बकौल अमित शाह, आईटीबीपी बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करती है। बता दें कि बर्फीले इलारों में तैनाती के कारण आईटीबीपी देश जवानों को 'हिमवीर' के नाम से जानता है। गृह मंत्री ने कहा, "आईटीबीपी हिमालय पर सबसे कठिन सीमाओं को दुर्गम परिस्थितियों में सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र की उत्कृष्ट सेवा कर रही है।" बकौल शाह, "लोगों ने आईटीबीपी जवानों को 'हिमवीर' की उपाधि दी है जो पद्म श्री, पद्म विभूषण से भी बड़ा है।"
शाह ने कहा, "कोई भी भारत की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता क्योंकि वह जानता है कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान सीमा की रक्षा कर रहे हैं।"
गौरतलब है कि गृह मंत्री शाह की टिप्पणी, नौ दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सेना के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुई झड़प के कुछ दिनों बाद आई है। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से सीमा पर गतिरोध बना हुआ है। हालात तनावपूर्ण लेकिन स्थित हैं। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्र में एलएसी के पास हालिया झड़प के कुछ दिनों बाद आई शाह की टिप्पणी सरकार के रूख का संकेत है।
भारतीय सेना ने इस महीने की शुरुआत में एक बयान में कहा था, 9 दिसंबर को, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास पहुंचे। भारतीय सैनिकों ने दृढ़ता से मुकाबला किया। आमने-सामने की लड़ाई में दोनों पक्षों के सैनिकों को मामूली चोटें आईं हैं।
भारतीय सेना ने कहा, दोनों पक्ष टकराव के तुरंत बाद क्षेत्र से अलग हट गए। घटना के बाद भारतीय कमांडर ने शांति बहाल करने और इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने समकक्ष के साथ एक फ्लैग मीटिंग भी की थी।
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया था कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में LAC को पार करने और एकतरफा रूप से यथास्थिति बदलने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सैन्य कमांडरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण वे अपने स्थानों पर वापस चले गए।
रक्षा मंत्री ने उच्च सदन को आश्वासन दिया था, भारत की सेनाएं क्षेत्रीय अखंडता और भारतीय क्षेत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेना किसी भी ऐसे प्रयास को विफल करना जारी रखेगी।












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