अब बिना कारण बताए ही छापा मार देगा आयकर विभाग, दोनों सदनों से मिली मंजूरी
सरकार दावा कर रही है कि अगर छापेमारी के कारण को गुप्त रखा जाए तो कालेधन की सूचना देने वाले की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन इस ताकत का दुरुपयोग भी किया जा सकता है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की तरफ से फाइनेंस बिल 2017 में करीब 40 संशोधन किए गए हैं, जिन्हें राज्य सभा में पारित कर दिया गया है। इससे पहले इस वित्त विधेयक को लोकसभा में मनी बिल की तरह पारित किया जा चुका है। इन संशोधनों में इनकम टैक्स एक्स में भी एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे आयकर अधिकारियों को काफी अधिक ताकत मिल जाएगी। इसमें सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आयकर विभाग को किसी छापेमारी के लिए कारण बताने की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब है कि बिना कोई कारण बताए भी आयकर विभाग छापेमारी कर सकेगा।

इस संशोधन का हो सकता है दुरुपयोग
आयकर विभाग को यह बताने की कोई जरूरत नहीं होगी कि किसी व्यक्ति के खातों और उसकी प्रॉपर्टी की जांच क्यों की जा रही है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष वेद जैन ने कहा है- सरकार दावा कर रही है कि अगर छापेमारी के कारण को गुप्त रखा जाए तो कालेधन की सूचना देने वाले की जानकारी गुप्त रखकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन इस ताकत का दुरुपयोग कर के भी किसी व्यक्ति पर छापेमारी की जा सकती है। यह संशोधन एक राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। इसे लेकर विपक्ष का कहना है कि सरकार इंस्पेक्टर राज को वापस ला रही है। ये भी पढ़ें- आरएसएस मुखिया मोहन भागवत बोले-राष्ट्रपति की रेस में नहीं, संघ के लिए काम करता रहूंगा
क्या है मौजूदा व्यवस्था
अभी तक यह व्यवस्था है कि मुख्य कमिश्नर सर्वे का आदेश दे सकता है, जबकि आयकर विभाग का डायरेक्टर जनरल सर्च करने का आदेश दे सकता है, जिसके तहत आयकर विभाग के अधिकारी किसी के घर में घुसकर छानबीन कर सकते हैं। अगर संशोधनों को लागू कर दिया गया तो एक जूनियर आयकर अधिकारी भी खुद ही सर्वे या सर्च करने की पहल कर सकता है। यही कारण है कि विपक्ष इसका विरोध कर रही है और इसकी तुलना इंस्पेक्टर राज से कर रही है।












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