ड्राइवर ने की गलती और आतंकियों को मिल गया मौका, अमरनाथ यात्रियों पर हमले की पूरी कहानी
श्रीनगर। सावन के पहला सोमवार, तारीख 10 जुलाई, समय 8 बजकर 20 मिनट। जम्मू-कश्मीर पुलिस की कार पर आतंकियों ने हमला किया। पुलिसकर्मी हथियारों से लैस थे, उन्होंने आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।

5 महिला श्रद्धालु
जम्मू-कश्मीर पुलिस की गोलीबारी के सामने आतंकी ज्यादा देर टिक नहीं सके और भाग खड़े हुए। जिस वक्त आतंकी भागे, ठीक उसी समय श्रद्धालुओं से भरी हाई-वे से गुजरी। बस सोनमर्ग से आ रही थी, जिसमें अमरनाथ यात्रा करके लौटे श्रद्धालु सवार थे। आतंकियों ने बस पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 7 श्रद्धालु मारे गए। मरने वालों में 5 महिला श्रद्धालु हैं।
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ये है बस का नंबर
पुलिस के मुताबिक, 7 बजे के बाद हाई-वे पर यात्रा प्रतिबंधित है। बस ड्राइवर ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसकी वजह से 7 यात्रियों की जान चली गई और कई घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, जिस बस पर आतंकियों ने हमला किया, उसका नंबर गुजरात (GJO9Z9976)का है।

दो संदिग्ध दबोचे गए थे
अनंतनाग में यह हमला, सोमवार को लश्कर ए तैयबा के दो संदिग्धों की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद हुआ। जम्मू-कश्मीर ने सोमवार को ही लश्कर के दो संदिग्धों को दबोचा था, जिनमें संदीप कुमार शर्मा उर्फ आदिल नाम का संदिग्ध भी शामिल है। आदिल मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।

तब रोक दी गई थी यात्रा
इससे पहले 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की बरसी की वजह से घाटी में तनाव के माहौल की वजह से अमरनाथ यात्रा को रोक दिया गया था।












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