Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा में बड़ा सड़क हादसा, रामबन में यात्रियों से भरी बसें टकराईं, घायलों का इलाज जारी
Amarnath Yatra Accident: अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के चंदरकोट क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पहलगाम की ओर बढ़ रही तीर्थयात्रियों की पांच बसें आपस में भिड़ गईं। अब तक की मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार, 5 जुलाई की सुबह ये हादसा हुआ। ये सभी बसें एक ही काफिले का हिस्सा थीं और अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए रवाना हुई थीं।
इस भीषण टक्कर में कम से कम 36 यात्री घायल हो गए, जिनमें महिलाएं, पुरुष और मासूम बच्चे भी शामिल हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी घायलों को रामबन के जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।

हादसे के कारण तीर्थ यात्रा के इस पड़ाव पर तनाव और दहशत का माहौल बन गया, लेकिन स्थिति को काबू में लाने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भरसक प्रयास किया।
ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा
रामबन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुलबीर सिंह ने हादसे के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, "यह दुर्घटना उस समय हुई जब श्रद्धालु नाश्ते के लिए रुके हुए थे। काफिले की आखिरी बस, जो कि मध्य प्रदेश की एक निजी बस थी, अचानक चार खड़ी बसों से जा टकराई। शुरुआती जांच में यह ब्रेक फेल का मामला प्रतीत होता है। एक बस के टकराते ही श्रृंखलाबद्ध तरीके से बाकी बसें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।"
अधिकांश यात्रियों को आईं मामूली चोटें
एसएसपी कुलबीर सिंह ने यह भी बताया कि घायलों में से अधिकांश को मामूली चोटें आई हैं और वे उपचार के बाद यात्रा फिर से शुरू करना चाहते हैं। उनके लिए नए वाहनों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, तीन से चार यात्रियों की हालत ऐसी है कि वे यात्रा को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे।
प्रशासन मौके पर सक्रिय
हादसे की सूचना मिलते ही रामबन के उपायुक्त इलियास खान खुद जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल में की जा रही चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया और चिकित्सकों को निर्देश दिया कि किसी भी घायल के इलाज में कोई कमी न रहे।
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए वैकल्पिक बसों की व्यवस्था तेज़ी से शुरू कर दी है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को अमरनाथ यात्रा के चौथे जत्थे में कुल 6,979 श्रद्धालु शामिल थे, जिनमें:
- 5,196 पुरुष
- 1,427 महिलाएं
- 24 बच्चे
- 331 साधु और साध्वियां
- 1 ट्रांसजेंडर शामिल था।
यह जत्था तड़के 3:30 बजे से 4:05 बजे के बीच जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से दो अलग-अलग काफिलों में रवाना हुआ था।
बता दें कि पवित्रा अमरनाथ गुफा की यात्रा दो मार्गों से होती है। श्रद्धालु दो रास्तों से अमरनाथ गुफा के लिए यात्रा करते हैं एक जो पारंपरिक पहलगाम मार्ग है। ये रास्ता 48 किलोमीटर लंबा है। शनिवार को इस मार्ग से 4,226 यात्री 161 वाहनों में रवाना हुए। दूसरा बालतल मार्ग - जो छोटा (14 किमी) लेकिन अधिक ऊंचाई वाला और कठिन है। इस मार्ग पर 2,753 यात्री 151 वाहनों में यात्रा पर निकले।
Amarnath Yatra Accident की जांच जारी, यातायात बहाल
पुलिस ने बताया कि हादसे के कारण एनएच-44 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में व्यवस्था बहाल कर दी गई। इस हादसे को लेकर पुलिस जांच जारी है। बस के तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ब्रेक फेल होना लापरवाही थी या तकनीकी खामी।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि अमरनाथ यात्रा जितनी आस्था से जुड़ी होती है, उतनी ही सुरक्षा और सतर्कता की भी मांग करती है। प्रशासन और पुलिस की तत्परता ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया और बड़ा नुकसान होने से बचा लिया। सभी घायलों की स्थिति स्थिर है और अमरनाथ यात्रा पहले की तरह आगे बढ़ रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है और इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में यात्रा मार्गों पर और सतर्कता बरती जाएगी।












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