सर्वदलीय बैठक के बाद बोले राजनाथ सिंह, 'एक देश एक चुनाव' के विचार पर ज्यादातर पार्टियां सहमत
नई दिल्ली। संसद भवन में आज (बुधवार) एक देश एक चुनाव के मुद्दे पर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्यादातर राजनीतिक दल देश में साथ-साथ विधानसभा और लोकसभा के चुनाव पर सहमत हैं। सिंह ने कहा कि सीपीआई का मत अलग था लेकिन उनका एतराज भी सिर्फ इसे लागू करने के तरीके को लेकर था। राजनाथ सिंह ने बताया कि 40 दलों को न्योता भेजा गया था, 21 ने बैठक में भाग लिया और तीन ने लिखित में अपनी राय भेजी। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक देश, एक चुनाव' पर चर्चा के लिए देश के राजनीतिक दलों के अध्यक्षों के साथ बैठक की। मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस, टीएमसी, सपा, टीडीपी, डीएमके और बसपा शामिल नहीं हुई। केजरीवाल और केसीआर राव भी बैठक में नहीं आए, हालांकि इन दोनों पार्टी के प्रतिनिधि बैठक में रहे।

लेफ्ट, एनसीपी, एनसी, पीडीपी बैठक में शामिल
बैठक में टीएमसी चीफ ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायावती, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, टीडीपी के चंद्रशेखर राव और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल नहीं हुए। हालांकि विपक्ष के कई दल बैठक में शामिल हुए। एनडीए के दलों के अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, बीजद के नवीन पटनायक, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सीपीआई के सीताराम येचुरी और वायएसआर के जगन मोहन रेड्डी बैठक में मौजूद रहे। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और टीआरएस मुखिया चंद्रशेखर राव ने खुद ना आकर पार्टी के दूसरे नेताओं को बैठक में भेजा।

वायएसआर कांग्रेस, बीजद का एक देश एक चुनाव को समर्थन
देश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराए जाने को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और वायएसआर कांग्रेस प्रमुख जगन मोहन रेड्डी और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक का समर्थन मिला है। वहीं जदयू ने भी इसका पक्ष लिया है। वहीं कई नेताओं ने इसे खारिज कर दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि ईवीएम को लेकर बैठक बुलाई जाती तो वे उसमें शामिल होतीं, ये कोई मामला नहीं है। वहीं लेफ्ट की ओर से कहा गया है कि हम एक देश, एक चुनाव के मुद्दे के विरोध में हैं।

ममता और अखिलेश ने कही ये बात
ममता बनर्जी ने संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' मुद्दे पर जल्दबाजी न करने और श्वेत-पत्र तैयार करने की बात कही है ताकि सभी प्रमुख नेता श्वेत पत्र पर अपने विचार व्यक्त कर सकें। इसके लिए सभी को पर्याप्त समय भी देना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नरेंद्र मोदी की ओर से वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर बुलाई बैठक पर कहा है कि बीजेपी को उन वादों पर ध्यान देना चाहिए जो उन्होंने जनता से किया है। कुछ पार्टियां हैं जो वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर कभी राजी नहीं होंगी।












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