जापान में भारतीय सांसदों की हुंकार, ना भूलेंगे, ना माफ करेंगे! सीमा पार आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश
All Party Delegations: भारत ने एक बार फिर दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख से न तो पीछे हटेगा और न ही समझौता करेगा। जापान के टोक्यो शहर में शनिवार, 24 मई को भारत के सर्वदलीय सांसद प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान की ओर से बार-बार किए जा रहे आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कड़ी आपत्ति जाताई।
डेलिगेशन ने जापान के समक्ष पाकिस्तान के आतंकवाद पर "कभी नहीं भूलेंगे, कभी माफ नहीं करेंगे" का संकल्प दोहराया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जनता दल के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय कुमार झा कर रहे हैं।

भारत के जापान स्थित राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित इस संवाद का आयोजन इंडिया हाउस में किया गया था, जिसमें जापान की राजनीतिक, सरकारी और अकादमिक जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।
भारत का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद पर "जीरो टॉलरेंस"
इस संवाद के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने एकजुट होकर भारत की 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' को दोहराया और यह स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे वह किसी भी रूप में हो या कहीं से भी प्रायोजित हो।
भारतीय दूतावास ने इस संवाद की जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, "माननीय सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने जापान की राजनीतिक, सरकारी और अकादमिक हस्तियों से बातचीत की और भारत का यह स्पष्ट राष्ट्रीय संदेश पहुंचाया कि हम सीमा पार आतंकवाद को किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेंगे।"
'जब देश की बात आती है, हम सब एक हैं', संजय झा
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संजय कुमार झा ने कार्यक्रम में कहा कि भारत में भले ही राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन जब देश की सुरक्षा और संप्रभुता की बात आती है, तो सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा, "हम सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों में से पहले हैं, जो विदेश यात्रा पर निकले हैं। हम पिछले तीन दिनों से जापान में हैं। हमारी टीम में सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दलों के सदस्य शामिल हैं। भले ही हम एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हों, परंतु देशहित में हम सब एक साथ हैं।"
All Party Delegations: पाकिस्तान की 40 वर्षों से जारी प्रॉक्सी वॉर
संजय झा ने पाकिस्तान द्वारा पिछले 40 वर्षों से भारत के खिलाफ छेड़ी गई छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) को आतंकवाद की जड़ बताया। उन्होंने हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान एक प्रत्यक्ष युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह छद्म युद्ध के जरिए भारत को अस्थिर करने का प्रयास करता रहा है। भारत दशकों से आतंकवाद का शिकार रहा है। हालिया हमले में धर्म पूछकर पर्यटकों को निशाना बनाया गया, जो इसकी अमानवीय सोच को दर्शाता है।"
All Party Delegations में कौन-कौन शामिल
इस नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं। ये सदस्य हैं:
- अपराजिता सारंगी (भाजपा)
- बृज लाल (भाजपा)
- प्रधान बरूआह (भाजपा)
- हेमांग जोशी (भाजपा)
- अभिषेक बनर्जी (टीएमसी)
- जॉन ब्रिटास (सीपीआईएम)
- सलमान खुर्शीद (पूर्व विदेश मंत्री, कांग्रेस)
- राजदूत मोहन कुमार (पूर्व राजनयिक)
यह प्रतिनिधिमंडल सिर्फ जापान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वी एशिया के अन्य देशों में भी भारत की आतंकवाद विरोधी नीति को लेकर जागरूकता फैलाने और वैश्विक समर्थन जुटाने के उद्देश्य से जाएगा।
जापान पहुंची टीम ने किया भारतीय समुदाय से संवाद
इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य जापान में बसे भारतीय समुदाय के साथ संवाद स्थापित करना है, ताकि वे भी इस वैश्विक अभियान का हिस्सा बन सकें। प्रतिनिधिमंडल उनके साथ मिलकर यह संदेश देना चाहता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अकेला नहीं है उसका प्रवासी समुदाय भी इस लड़ाई में उसकी ताकत है।
भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को अब सिर्फ सीमित नहीं रखा है, बल्कि उसे वैश्विक कूटनीतिक रणनीति में बदल दिया है। यह दौरा दर्शाता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को न सिर्फ सचेत कर रहा है, बल्कि साथ ही साथ पाकिस्तान की भूमिका को भी उजागर कर रहा है। "Never Forget, Never Forgive" - यह अब सिर्फ एक नाराजगी नहीं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ नीति और संकल्प का प्रतीक बन चुका है।












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