Air India Plane Crash: एयर इंडिया के बोइंग 787-8/9 फ्लाइट की होगी सुरक्षा जांच, DGCA हुआ सख्त
Air India Plane Crash: अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने सभी को दहला दिया है। इस भयावह हादसे के एक दिन बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बोइंग 787-8/9 विमानों के सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण टेक्निकल जांच करने के आदेश दिया है।
15 जून, 2025 की रात 12 बजे से ये निर्देश लागू हो जाएगा, जिसमें डीजीसीए ने फ्लाइट टेकऑफ से पहले ईंधन पैरामीटर मॉनिटरिंग और संबंधित सिस्टम की जांच करना आवश्यक होगा। इसके अलावा केबिन एयर कंप्रेसर, उससे जुड़े सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोल सिस्टम की बृहद जांच करने का निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा टेक-ऑफ से पहले फ्लाइट के इंजन ईंधन ड्रिवन एक्चुएटर का ऑपरेशनल टेस्ट, ऑयल सिस्टम, हाइड्रोलिक सिस्टम की सर्विस क्षमता और टेक-ऑफ पैरामीटर्स की समीक्षा की जानी आवश्य कर दी गई है। ये व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।
अब फ्लाइट कंट्रोल इंस्पेक्शन अनिवार्य होगा
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार डीजीसीए ने पिछले 15 दिनों में बार-बार आई तकनीकी खराबियों की समीक्षा के आधार पर मेंटेनेंस एक्शन जल्द से जल्द पूरा करने का भी निर्देश दिया है। डीजीसीए के अनुसार, ट्रांजिट इंस्पेक्शन में अब फ्लाइट कंट्रोल इंस्पेक्शन अनिवार्य होगा। अगले दो हफ्तों में पावर एश्योरेंस चेक पूरा किया जाना है।
12 जून 2025 की काली दोपहर ने लील ली 241 जिंदगियां
बता दें 12 जून 2025 की दोपहर वो काली दोपहर थी जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई171) फ्लाइट में सवार 241 लाेग एक झटके में जिंदगी गवां बैठे। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के चंद मिनट बाद ही ये प्लेन मेघाणी नगर क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और मेस में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो इस घटना की गहन जांच कर रहा है, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आग में जल गए शव, होगी डीएनए जांच
फ्लाइट क्रैश होने के बाद ये आग गोले में तब्दील हो गई थी। दमकल कर्मियों के अनुसार जब ये प्लेन क्रैश हुआ वहां के आसपास का तापमान 1000 डिग्री से अधिक था। यानी पाताल से फूंटते हुए लावा जैसा तापमान था इसी वजह से इस प्लेन क्रैश में सभी यात्रियों के शव जल कर भस्म हो गए हैं,जिस कारण उनको पहचान पाना भी मुश्किल है। इसलिए इन सभी के डीएन टेस्ट होंगे। मृतकों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए जांएगे।












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