ओडिशा: गांवों को 2030 तक बाल विवाह मुक्त करने के लिए दिशानिर्देश जारी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 2030 तक ओडिशा को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसे विवाहों से मुक्त गांव या शहरी क्षेत्र की घोषणा के लिए दिशानिर्देश लेकर आया है।
भुवनेश्वर, 06 अगस्त : महिला एवं बाल विकास विभाग ने 2030 तक ओडिशा को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से ऐसे विवाहों से मुक्त गांव या शहरी क्षेत्र की घोषणा के लिए दिशानिर्देश लेकर आया है। विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और नगर आयुक्तों को लिखे पत्र में गुरुवार को कहा कि एक गांव या वार्ड को केवल तभी बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है जब ऐसा कोई विवाह कम से कम दो साल तक नहीं किया गया हो।

इस स्थान पर एक बाल संरक्षण समिति होनी चाहिए जो हर तिमाही में बैठक करे और क्षेत्र में सभी विवाहों के आयु प्रमाण को रिकॉर्ड करके और जाँच करके बाल विवाह को ट्रैक करने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाए।विभाग ने विशेष संवेदीकरण सत्रों के लिए हर शनिवार को आयोजित होने वाले किशोरी दिवस के दौरान ADVIKA पहल के नियमित कामकाज और किशोरों की 60 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया है।
सरकार ने एक गांव या शहरी क्षेत्र को बाल विवाह मुक्त घोषित करने के बाद पालन करने के लिए दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए हैं। इसने ग्राम स्तर की समितियों को नियमित रूप से बैठक करने और सभी जागरूकता गतिविधियों का जायजा लेने को कहा है।
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