AIADMK ने तमिलनाडु में भाजपा से गठबंधन तोड़ने की दी चेतावनी, जयललिता पर की गई टिप्पणी पर मचा बवाल
कर्नाटक के बाद तमिलनाडु में भााजपा को बढ़ा झटका लग सकता है।
AIADMK तमिलनाडु में भाजपा को बड़ा झटका दे सकती है क्योंकि तमिलनाडु की भाजपा की एकमात्र सहयोगी पार्टी AIADMK नाराज हो गई है।
दरअसल, तमिननाडु भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अन्नामलाई ने ऐसा विवाादास्पद बयान दे दिया है, जिससे अन्नाद्रमुख ने भाजपा को सोमवार को अल्टीमेटम दे डाला है। पार्टी ने कहा कि अपने अध्यक्ष पर लगाम लगाओ।

अन्नाद्रमुक नेता जयकुमार ने जयललिता पर 'निंदा' करने के लिए तमिलनाडु भाजपा प्रमुख अन्नामलाई की आलोचना करते हुए भाजपा को चेतावनी दी है। जयकुमार ने कहा उसे लगाम लगाओ, वरना ..."
अन्नामलाई द्वारा अन्नाद्रमुक और उसकी नेता जे जयललिता की कथित आलोचना की है जिस पर पार्टी के नेता जयकुमार ने भाजपा नेता पर गठबंधन में संदेह उत्पन्न होने की बात कही है। उहोंने सवाल किया कि क्या दिल्ली के नेताओं ने उनके बयानों को अनुमति दे रखी है?
जानें भाजपा अध्यक्ष ने क्या दिया है बयान
बता दें भाजपा अध्यक्ष अन्नामलाई ने AIADMK पार्टी की मुखिया और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को लेकर एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें आय से अध्किा संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था।
जानें क्या है सच्चाई?
जबकि असलियत में ये तथ्यात्मक रूप से बिलकुल गलत बयान है। उच्चतम न्यायलय ने पूर्व सीएम जयललिता की सहयोगी शशिकला समेत अन्य लोगों को आयसे अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराया गया था। हालांकि पूर्व सीएम मुख्य अभियुक्त थीं लेकिन सुप्रीम कोर्ट का इस केस में अंतिम फैसला आने से पहले जयललिता की मौत हो गई थी।
अन्नाद्रमुक पार्टी नाराज हो गई है
भाजपा अध्यक्ष के जयललिता को लेकर दिए गए बयान से अन्नाद्रमुक पार्टी नाराज हो गई है। पार्टी के मुखिया ने कहा अन्नामलाई के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो वो अन्नाद्रमुक और भाजपा गठबंधन पर फिर से विचार करेंगे।
राज्य अध्यक्ष बनने के योग्य नहीं हैं
अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता डी जयकुमार ने कहा अन्नामलाई पार्टी के राज्य अध्यक्ष बनने के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बातों पर ध्यान देना चाहिए। अन्नामलाई ने कहा हमें संदेह है कि वह गठबंधन जारी नहीं रखना चाहते हैं और न ही वह चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी फिर से जीतें।
बता दें AIADMK को लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव समेत बीजेपी के साथ लड़े गए चुनावों में भी लगातार चार हार बार का सामना करना पड़ा था।
दोस्ती के बावजूद जयललिता ने नहीं मिलाया था भाजपा से हाथ
बता दें जयललिता की मृत्यु के बाद भाजपा के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित गठबंधन बनाने वाले अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जयललिता को लेकर दिए गए बयान पर नाराज हो गई है, हो सकता है कि पार्टी भाजपा से गठबंधन तोड़ दे। याद रहे जयललिता से भाजपा के दोस्ताना संबंध थे, इसके बावजूद उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन नहीं किया था, यह देखते हुए कि भाजपा द्रविड़ राजनीति में अनुपयुक्त थी।












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