गुजरात: अस्पताल की अलमारी में बेटी मृत, बेड के नीचे मां का शव, CCTV बंद कर दोनों को दिया गया जहर
अहमदाबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में एक मां और बेटी के शव मिले हैं। बेटी का शव ऑपरेशन थियेटर की अलमारी में मिला था और मां एक बेड के नीचे मृत पाई गई थी। पुलिस को शक है कि यह हत्या का मामला है और जांच जारी है।

Ahmedabad hospital Mother daughter double murder case: अहमदाबाद के मणिनगर में भूलाभाई पार्क के पास एक ईएनटी अस्पताल में मां-बेटी का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। बुधवार (21 दिसंबर) कोईएनटी अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कर्मचारियों में से एक ने पाइप और वॉल्व रखने वाली अलमारी कैबिनेट खोली तो अंदर एक महिला का शव मिला। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पता चला कि वह अकेली अस्पताल नहीं आई थी, पुलिस को उसकी मां का शव को उसी ऑपरेशन थिएटर के बेड के नीचे पाया। बेटी का शव ऑपरेशन थिएटर के अलमारी में और मां का बेड के नीचे शव मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस को ये डबल मर्डर का केस लग रहा है। एसीपी मिलाप पटेल ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि दोनों इलाज के लिए अस्पताल आए थे। बेटी का शव बरामद करने के बाद जब पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की तो मां का शव मिला।

ऑपरेशन थियेटर के अंदर अलमारी से आ रही थी बदबू
कागडापीठ पुलिस ने मृतक की पहचान 30 वर्षीय भारती वाला (बेटी) और उसकी मां चंपा के रूप में पहचान की है। पुलिस ने बताया कि अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अहमदाबाद कागडापीठ थाना क्षेत्र के भीतर भूलाभाई पार्क के पास स्थित अस्पताल के अंदर से बदबू आ रही थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने पाया कि अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर के अंदर एक अलमारी से बदबू आ रही है। जिसके बाद अलमारी खोली गई तो वहां से भारती (बेटी) का शव बरामद हुआ। वहीं मां के बारे में खोजबीन कई गई तो वह ऑपरेशन थिएटर के बेड के नीचे मृत पाई गई।

जहर देकर गला घोंटकर मारने का शक!
पुलिस को इस बात का शक है कि मां-बेटी दोनों को पहले नशीला पदार्थ यानी जहर जैसी कोई चीज दी गई थी। लेकिन वह मरी है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए उनका गला घोंट दिया गया। पुलिस ने अस्पताल के कंपाउंडर मनसुख को हिरासत में लिया है। पुलिस ने कहा कि मनसुख भारती के ससुराल से संबंधित है। पुलिस ने कहा, ''भारती की शादी 5-6 साल पहले हुई थी। हालांकि, घरेलू विवादों के कारण, वह अपने माता-पिता के घर नारोल लौट आई थी और तब से वहीं रह रही थी।''

मर्डर के वक्त बंद था CCTV
पुलिस ने कहा कि हत्या के वक्त अस्पताल का सीसीटीवी बंद था। हत्या सुबह 9.30 बजे से सुबह 10.30 बजे के बीच हुई थी, इस दौरान अस्पताल का सीसीटीवी बंद था। उस वक्त अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर अर्पित शाह भी वहां मौजूद नहीं थे। वह अस्पताल से सुबह 9 से 9.30 बजे के बीच निकल गए थे।
डीसीपी (जोन 6) एएम मुनिया ने कहा, "कर्मचारियों को सबसे पहले भारती (बेटी) का शव मिला। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पुलिस को सूचित किया कि वह एक अन्य महिला भी इनके साथ थी। हमने अस्पताल की जांच की और एक बेड के नीचे उसकी मां का शव मिला। ये बेड फर्श को छूने वाली चादर से ढका हुआ था।"

क्यों आई थीं मां-बेटी अस्पताल
पुलिस ने कहा, "चंपा (मां) के पैर में दर्द हो रहा था इसलिए मां और बेटी चेकअप के लिए एलजी अस्पताल जाने के लिए घर से निकलीं। हालांकि, उन्होंने उसके कानों की जांच के लिए ईएनटी अस्पताल जाने का फैसला किया।" पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर शक है कि आरोपी को पता था कि डॉक्टर सुबह 9.30 बजे के बाद अस्पताल में उपस्थित नहीं होंगे और उस दौरान दोनों को वहां जांच के लिए बुलाया हया था।
पुलिस का मानना है कि आरोपी ने पहले भारती (बेटी) की हत्या की और जब चंपा (मां) ने इसका विरोध किया तो उसे भी उसी नशीले पदार्थ का इंजेक्शन देकर हत्या कर दी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की सहायता के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम को बुलाया गया।












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