J&K: कितने बाहरी लोगों ने आर्टिकल 370 हटने के बाद खरीदी संपत्ति, मोदी सरकार ने संसद को बताया
नई दिल्ली, 10 अगस्त: मोदी सरकार ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया है कि पिछले दो वर्षों में जम्मू और कश्मीर से बाहर के कितने लोगों ने वहां संपत्ति खरीदी है। बता दें कि इस संबंध में पिछले साल ही मोदी सरकार ने स्थानीय कानूनों में बदलाव किए थे, जिसके चलते राज्य के बाहर के लोगों के लिए भी वहां जमीन खरीदने का रास्ता साफ हो गया था। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने संसद को दिए लिखित जवाब में अभी तक वहां बाहर के दो लोगों की ओर से संपत्तियां खरीदने की जानकारी दी है। बता दें कि बीते 5 अगस्त को ही आर्टिकल 370 और आर्टिकल 35 ए खत्म करने के दो साल पूरे हुए हैं, जिसकी वजह से इसे विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था।

बाहर के दो लोगों ने जम्मू-कश्मीर में खरीदी प्रॉपर्टी-केंद्र
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में इस बात का खुलासा किया है कि 5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 के खात्मे के बाद से अबतक केंद्र शासित प्रदेश के बाहर के दो लोगों ने वहां पर प्रॉपर्टी खरीदी है। उन्होंने पिछले गुरुवार को लोकसभा में यह लिखित जवाब दिया था। जम्मू-कश्मीर सरकार से मिली जानकारी का हवाला देते हुए गृह राज्यमंत्री ने लोकसभा को बताया है कि 'जम्मू और कश्मीर सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक जम्मू और कश्मीर से बाहर के दो लोगों ने अगस्त 2019 से लेकर अबतक इस केंद्र शासित प्रदेश में दो प्रॉपर्टी खरीदी है।' हालांकि, नित्यानंद राय ने उन दोनों लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया है।
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संपत्ति खरीदने में किसी बाधा की जानकारी नहीं- सरकार
बता दें कि आर्टिकल 370 की समाप्ति से पहले जम्मू कश्मीर में सिर्फ वहां के स्थानीय निवासियों को ही शहरी जमीन और अचल संपत्ति खरीदने की अनुमति थी। लेकिन दो साल पहले केंद्र की मोदी सरकार ने संविधान में संशोधन करके आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया कि क्या 'क्या जम्मू-कश्मीर में प्रॉपर्टी खरीदते वक्त दूसरे राज्य के लोगों और सरकार को कोई दिक्कत या अवरोध का सामना भी करना पड़ा...' इसपर मंत्री ने जवाब दिया कि 'सरकार को ऐसी किसी भी घटना की जानकारी नहीं मिली है।' दरअसल, जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बावजूद अभी भी नई परिस्थितियों को लेकर कुछ लोगों के मन में तमाम आशंकाएं मौजूद हैं।

पिछले साल हुआ था डेवलपमेंट ऐक्ट में संशोधन
बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में केंद्र सरकार ने दूसरे राज्य के लोगों के लिए भी जम्मू और कश्मीर में जमीन खरीदने का रास्ता साफ कर दिया था। केंद्र सरकार ने गजेट नोटिफिकेशन जारी कर जम्मू और कश्मीर डेवलपमेंट ऐक्ट के सेक्शन 17 से 'प्रदेश का स्थायी निवासी' वाली लाइन हटा दी थी। यह कानून केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जमीन से जुड़े मामलों का निपटारा करता है। हालांकि, इस संशोधन के तहत वहां की खेती वाली जमीन को कुछ मामलों को छोड़कर गैर-किसानों को ट्रांसफर करने की इजाजत नहीं दी गई है।

डोमिसाइल नियमों में भी हो चुका है बदलाव
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में जो महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, उनमें जम्मू-कश्मीर की महिलाओं के दूसरे राज्यों के पुरुषों से शादी करने पर पतियों को भी डोमिसाइल का दर्जा दिया जाना है। यह नियम इस साल जुलाई में ही बदला गया है। इनके अलावा 15 वर्षों से यहां रह रहे लोगों और उनके बच्चों या सात वर्षों तक पढ़ाई कर चुके और 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दे चुके बच्चों को भी डोमिसाइल का दर्जा प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।












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