प्रियंका गांधी के साथ बिना हेलमेट के स्कूटी चलाने पर कटा था 6300 का चालान, जानें कौन करेगा भुगतान
लखनऊ। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के चलते जिस तरह से लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, उसके खिलाफ कांग्रेस महासचिव ने जमकर यूपी में भाजपा सरकार को घेरा। वह खुद लखनऊ में उन लोगों से मिलने के लिए पहुंचीं जिनके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी। लखनऊ में 28 दिसंबर को जब पुलिस ने प्रियंका गांधी को रोक लिया था तो प्रियंका गांधी स्कूटर पर बैठकर रवाना हो गई थीं। इस दौरान स्कूटर कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर चला रहे थे। लेकिन इस दौरान हेलमेट नहीं पहने होने की वजह से ट्रैफिक पुलिस ने स्कूटर के मालिक राजदीप सिंह को 6300 रुपए का चालान भेज दिया है। जिसे खुद राजदीप सिंह ने भरने की बात कही है।

मैं गाड़ी देने से मना नहीं कर सका
जिस वक्त स्कूटर का चालान कटा उस दौरान इसे कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर चला रहे थे और वह पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी के घर प्रियंका गांधी के साथ जा रहे थे, जिन्हें नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन की वजह से गिरफ्तार कर लिया गया था। जिस वक्त प्रियंका धीरज के साथ स्कूटर पर जा रही थीं उस वक्त दोनों ने हेलमेट नहीं पहना था। राजदीप सिंह ने बताया कि मैं पॉलीटेक्निक क्रॉसिंग जा रहा था, मैंने उस वक्त प्रियंका और धीरज गुर्जर को देखा। धीरज ने मुझसे मेरी स्कूटर मांगी क्योंकि प्रियंका इतने बड़े परिवार से थीं तो मैंने गाड़ी देने से मना नहीं कर सका।
6300 रुपए का चालान कटा था
राजदीप सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर को मुझे पता चला कि मेरी गाड़ी का चालान कट गया है। यह चालान 6300 रुपए की राशि का कटा था। जिसे मैं खुद भरूंगा। मैं कांग्रेस या प्रियंका गांधी से चालान के पैसे नहीं ले सकता हूं। बता दें कि शनिवार को जब पुलिस ने प्रियंगा को रोका तो वह पार्टी कार्यकर्ता के साथ स्कूटर पर बैठकर आईपीएस अधिकारी के घर जाने लगीं, जहां पहुंचकर उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात की।
प्रियंका ने पुलिस पर लगाया था आरोप
बता दें कि बता दें कि शनिवार को प्रियंका गांधी ने यूपी पुलिस पर बदतमीजी करने का भी आरोप लगाया था। प्रियंका इस दौरान पुलिस के रवैये से काफी खफा दिखीं। उन्होंने कहा- उप्र पुलिस की ये क्या हरकत है। हम लोगों को कहीं भी आने जाने से रोका जा रहा है। मैं रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और अंबेडकरवादी सामाजिक कार्यकर्ता एस आर दारापुरी के घर जा रही थी। उप्र पुलिस ने उन्हें एनआरसी और नागरिकता कानून का शांतिपूर्वक विरोध करने पर घर से उठा लिया है।












Click it and Unblock the Notifications