पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार आने के बाद पीओके में आए 8 नए आतंकी कैंप्स
श्रीनगर। 28 सितंबर को इंडियन आर्मी की ओर से पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के दो वर्ष पूरे हो जाएंगे। पाकिस्तान में भी नई सरकार आ चुकी है और प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व में भारत के साथ बेहतर संबंधों की कोशिशें जारी हैं। इस बीच इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की ओर से जो खबर दी जा रही है, उसके मुताबिक पीओके में करीब 250 आतंकवादी, जम्मू कश्मीर में घुसपैठ को तैयार बैठें हैं तो वहीं पीओके में 27 लॉन्च पैड्स एक्टिव हैं। इंग्लिश डेली टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इस खबर के मुताबिक लिपा वैली में आठ लॉन्च पैड्स एक्टिव हैं।

फिर से एक्टिव आतंकी
सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना के लिए दो जगह रणनीतिक तौर पर काफी अहम थीं और लिपा उनमें से ही एक है। सितंबर 2016 में उरी में स्थित आर्मी कैंप पर हमले के बाद पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने आईबी के सूत्रों हवाले से लिखा है कि जो आठ नए लॉन्च पैड्स पीओके में एक्टिव हुए हैं, वे सभी इमरान खान की सरकार के आने के बाद अस्तित्व में आए हैं। आपको बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूयॉर्क में जारी यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (उंगा) के सत्र से अलग विदेश मंत्री स्तर की वार्ता होनी थी। लेकिन पिछले दिनों कश्मीर के शोपियां में हिजबुल आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी और इसकी वजह से बातचीत कैंसिल हो गई।

बुरहान वानी की मौत के बाद कैंप्स में इजाफा
साल 2016 में त्राल में सेना ने एनकाउंटर में हिजबुल के आतंकी बुरहान वानी को मारा था। वानी के मारे जाने से पहले पीओके में सिर्फ 14 कैंप्स थे जो संचालित हो रहे थे। इन कैंप्स में करीब 160 आतंकी थे। लेकिन वानी की मौत के बाद एलओसी के दूसरी तरफ से आतंकियों की ट्रेनिंग में खासा इजाफा हुआ है। 160 आतंकियों से संख्या बढ़कर 190 से 230 तक हो गई और साथ ही पांच नए आतंकी कैंप्स भी आ गए। 14 से आतंकी कैंपों की संख्या 19 हो गई। वहीं इमरान के पीएम बनने के बाद से आठ नए कैंप्स पीओके में आ गए हैं। यानी पीओके में अब आतंकी कैंप्स की कुल संख्या 27 हो गई है जो लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल दोनों के हैं।

घने जंगल बने आतंकियों का कवर
लश्कर के कैंप्स लिपा, चाकोठी, बाराकोट और जूरा इलाके में हैं तो हिजबुल के कैंप्स पीओके के फॉरवर्ड काहूता में हैं। सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान ने लिपा में फिर से कैंप्स बना लिए हैं। लिपा और भीमभर गली, सर्जिकल स्ट्राइक के समय ये दोनों ही लोकेशन काफी अहम थीं। हालांकि अभी तक भीमभर गली में कोई भी आतंकी कैंप नहीं आया है। वहीं हाजिनुर और फॉरवर्ड काहूता में आतंकियों की संख्या काफी कम है। लश्कर के आतंकी लिपा, छानानियान, मांदाउकली और नौकोट में मौजूद हैं और इनकी संख्या करीब 25 से 30 तक है। ये सभी कैंप्स उरी और कुपवाड़ा के बीच स्थित नौगाम सेक्टर में मौजूद हैं। करीब 250 आतंकी घुसपैठ को तैयार हैं और इन आतंकियों को हंदवाड़ा और हापरूदा में स्थित जंगलों से मदद मिलती है। यहां से आतंकी साउथ कश्मीर की तरफ बढ़ते हैं।












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