आरुषि हत्‍यकांड: 25 नंवबर को सुनाया जायेगा देश के सबसे बड़े मर्डर मिस्‍ट्री का फैसला

 Aarushi murder case verdict on November 25
गाजियाबाद। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को कहा कि आरुषि-हेमराज दोहरे हत्या मामले में फैसला 25 नवंबर को सुनाया जाएगा। अंतिम बहस न्यायाधीश एस.लाल की अदालत में यहां संपन्न हो गई। उल्‍लेखनीय है कि साल 2008 में आरूषि नोएडा स्थित अपने घर में मृत पाई गई थी।

हेमराज का शव अगले दिन छत पर मिला था। पहले आरूषि की हत्या का शक हेमराज पर ही किया गया था। सीबीआई ने आरूषि के माता-पिता राजेश और नुपुर तलवार पर ही हत्या का आरोप लगाया। दोनों पेशे से डाक्टर हैं। बचाव पक्ष ने सोमवार को कहा कि सीबीआई ने कुछ साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की है।

बचाव पक्ष के वकील तनवीर अहमद मीर ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने तलवार परिवार के नौकर हेमराज के कमरे से मिले तकिए व उसके कवर तथा एक अन्य नौकर कृष्णा के कमरे से मिले बैंगनी रंग के तकिए के कवर से छेड़छाड़ की। डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर ने फाइनल बहस में कहा कि सीबीआई ने इस मामले में संबंधित जो भी केस प्रापर्टी जैसे तकिया, तकिया कवर, गोल्फ स्टिक आदि को सीज किया था, उससे कई बार छेड़छाड़ की गई।

डिफेंस ने इसके लिए हैदराबाद फोरेंसिक लैब के एक्सपर्ट एसपीआर प्रसाद की गवाही का हवाला भी दिया। उनका कहना था कि प्रसाद ने अपने बयान में यह बात स्पष्ट की थी कि उनकी लैब में 56 अलग-अलग प्रदर्श डीएनए जांच के लिए आए थे। यह सभी लिफाफे फटे थे। कैसे फटे और किसने इनसे छेड़छाड़ की, इसका कुछ पता नहीं। जांच में जो एक बैंगनी रंग का तकिया कवर था, उस पर हेमराज का डीएनए पाया गया था।

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