जीतेंद्र सिंह तोमर भूले याददाश्त, नहीं पहचानते कॉलेज की लैब और अपने शिक्षकों को
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की फर्जी डिग्री की का मामला अब पूरी तरह से साफ नजर आ रहा है। दिल्ली पुलिस जब तोमर को फैजाबाद विश्वविद्यालय लेकर पहुंची तो तोमर अपने क्लास और टीचर को ही नहीं पहचान सके।

तोमर का दावा है कि उन्होंने राममनोहर लोहिया विश्वविद्यालय बीएससी की डिग्री प्राप्त की थी। लेकिन जब पुलिस उन्हें लेकर वहां पहुंची तो ना तो वो अपनी लैब वहां दिखा सके और ना ही किसी शिक्षक को पहचान सके जिन्होंने 1987-1988 के दौरान यहां के बच्चों को पढ़ाया था।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय पहले ही तोमर के दावे को खारिज कर चुका है। साथ ही तोमर के माइग्रेशन सर्टिफिकेट को भी विश्वविद्यालय ने फर्जी करार दिया था। अवध विश्वविद्यालय के प्रवक्ता यू.एन. शुक्ला ने तोमर के सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनसे जुड़ा कोई भी दस्तावेज हमारे कॉलेज में उपलब्ध नहीं है।












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