AAP National Party बनी, NCP-TMC-CPI का दर्जा छिना, जानें नियम और क्या मिलते हैं अधिकार
National Party का दर्जा कैसे हासिल होता है, जानें क्या मिलते हैं अधिकार

पश्चिम बंगाल में सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस जिसके टीएमसी के नाम से भी जाता है वो अब राष्ट्रीय पार्टी नहीं रही। चुनाव आयोग ने उससे नेशनल पार्टी होने का स्टेटस वापस ले लिया है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ममता बनर्जी की टीएमसी को इससे बड़ा झटका लगा है। आइए जानते हैं कैसे किसी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है और इसके छिन जानें के बाद उस राजनीतिक दल के क्या अधिकार छिन जाते हैं।
बता दें टीएमसी ही नहीं चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के अलावा शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और सीपीआई से नेशनल पार्टी का दर्जा वापस ले लिया है।इसकी वजह है कि इन तीनों पार्टियों का वोट शेयर देशभर में 6 प्रतिशत से कम हुआ है। याद रहे इससे पहले मायावती की बहुजन पार्टी से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिन चुका है। हालांकि ये पार्टियां आगे के चुनावी चक्र में प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी होने का दर्जा वापस हासिल कर सकती है। वहीं अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल हो गया है।
कैसे मिलता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा, जानें क्या है नियम
किसी भी राजनीतिक दल को मान्यता निर्वाचन आयोग की ओर से दी जाती है। राजनीतिक दल को तभी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है जब चुनाव आयोग की कम से कम इन तीन शर्तों में एक कोई शर्त राजनीति पार्टी पूरी करती है।
- राजनीतिक पार्टी को कम से कम चार राज्यों में 6 प्रतिशत वोट हासिल हुआ हो, उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है
- लोकसभा चुनाव में कम से कम 2 प्रतिशत सीटें तीन राज्यों में मिली हो, उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है
- राजनीतिक पार्टी को देश के चार राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा हासिल हुआ हो, उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है
आप को क्यों दिया चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी 3 राज्यों दिल्ली, पंजाब और गोवा में 6% से ज्यादा वोट शेयर हासिल कर चुकी है।इसलिए उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल गया है।
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने पर क्या मिलते हैं लाभ
- 40 स्टार प्रचारक रख सकते हैं
- मान्यता प्राप्त राज्य और राष्ट्रीय दलों को नामांकन दाखिल करने के लिए केवल एक प्रस्तावक की जरूरत होती है।
- स्टार प्रचारक के ट्रैवलिंग खर्च को प्रत्याशी के चुनाव खर्च में शामिल किया जाता है
- पार्टी को सब्सिडी दर पर पार्टी कार्यालय और अध्यक्ष के लिए दिल्ली में सरकार बंगला
- लोकसभा चुनाव में आकाशवाणी पर प्रसारण के लिए ब्रॉडकास्ट और टेलीकास्ट बैंड्स दिए जाते हैं
- सरकारी चैनलों पर राष्ट्रीय पार्टियों को दिखाए जाने का समय निर्धारित होता है।
- ताकि ये राष्ट्रीय पार्टियां अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकें।
- राट्रीय पार्टियां अपने चुनाव चिन्ह पर देश भर में चुनाव लड़ सकती हैं
- वोटर लिस्ट के दो सेट निशुल्क दिए जाते हैं
- उम्मीदवारों को आम चुनावों के दौरान एक फ्री वोटर लिस्ट दी जाती है












Click it and Unblock the Notifications