एक कश्मीरी मुस्लिम ने पंडितों से हाथ जोड़कर मांगी माफी, क्या रही विवेक अग्निहोत्री की प्रतिक्रिया, जानिए
नई दिल्ली, 20 मार्च: कश्मीर के एक युवा मुस्लिम ऐक्टिविस्ट ने 90 की दशक की घटनाओं के लिए कश्मीरी पंडितों से हाथ जोड़कर माफी मांगी है और दावा किया गया है कि वह खुद भी हिंदुओं के नरसंहार के चश्मदीद हैं। उन्होंने एक स्थानीय न्यूज चैनल पर डिबेट के दौरान यह बात कही है और फिर कई ट्वीट के जरिए भी कश्मीर के मुसलमानों से आगे बढ़कर अपना गुनाह कबूल करने और सामूहिक माफी मांगने को कहा है। कश्मीरी पंडितों के साथ हुई बर्बरता पर बनी फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने उस युवा मुस्लिम ऐक्टिविस्ट का वीडियो शेयर किया है और उसकी तारीफ में कुछ खास बातें लिखी हैं।

हिंदुओं के नरसंहार के चश्मदीद होने का किया दावा
फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री ने कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के कत्लेआम पर सामूहिक माफी मांगने की एक कश्मीरी मुस्लिम युवा की पहल की जमकर सराहना की है। दरअसल, स्थानीय एएनएन न्यूज पर पीपुल्स डेमोक्रैटिक फ्रंट (सेक्युलर) के महासचिव जावेद बेग ने कहा है कि वह कश्मीर के संग्रामपुरा नरसंहार के चश्मदीद हैं और उन्होंने देखा है कि किस तरह से बेगुनाह कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम किया गया था। उन्होंने कहा है कि आज के युवाओं को पिछली पीढ़ी की गलतियों को स्वीकार करना चाहिए। यह वीडियो शेयर करते हुए 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने ट्विटर पर लिखा है कि यदि कोई इस युवा आदमी को जानता हो तो मेरा प्यार और शुक्रिया उन तक पहुंचाएं।

'कश्मीरी पंडितों से माफी मांगनी चाहिए'
दरअसल, टीवी डिबेट में मुस्लिम युवा ने कहा है, 'दर्जनों कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम कर दिया गया था....मैंने अपनी आंखों से देखा है। जिन लोगों को मारा गया, वह ना तो 'आजादी' रोक रहे थे और ना ही किसी कश्मीरी मुसलमान को मार रहे थे। वे निहत्थे लोग थे। अगर वह नरसंहार नहीं हैं तो फिर क्या है ?' उन्होंने कहा, 'वह गुनाह किया गया था और इसके लिए हम सबको मिलकर सार्वजनिक तौर पर कश्मीरी पंडितों से माफी मांगनी चाहिए। इसके लिए आपको फिल्म की जरूरत नहीं है।'

'हमारे घर के लोगों ने ही कश्मीरी पंडितों को मारा था'
उन्होंने यहां तक कहा है कि "जिन लोगों ने कश्मीरी पंडितों को मारा वे कहां के थे?......हमारी ही बस्तियों...हमारे घरों के लोग थे। और कश्मीरी पंडित कोई गैर नहीं है। ये कश्मीरी पंडित हमारी कौम है, हमारा खून है, हमारी नस्ल है। यहां तो जानवर भी अपने नस्ल को नहीं मारते.....कम से कम आज तो हम में गैरत होनी चाहिए। जो हमारे वालिद साहब की जनरेशन ने गलतियां कीं।...मुझे ऐक्सेप्ट करना है कि गलतियां हुई हैं, गुनाह हुए हैं....और जिसके लिए हमें कलेक्टिविली कश्मीरी पंडितों से जो हमारा खून है, हमारा हिस्सा है उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।"

'वह पलायन नहीं था, जबरन निकाला गया था'
उन्होंने कई ट्वीट के जरिए भी अपनी बात रखी है और कहा है कि उनके पिता के जेनरेशन के पाप की सच्चाई के बारे में बोलना जरूरी हो गया है। उन्होंने लिखा है 'तथ्य यह है कि कश्मीरी पंडित ने पलायन नहीं किया था, बल्कि उन्हें हिंसक और अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया गया था।' उन्होंने यहां तक लिखा है कि 'कश्मीरी पंडितों के जबरन निकाले जाने के कश्मीर के राजनीतिक वर्ग और कश्मीर के बड़े मुस्लिम समाज के शर्मनाक इनकार से मैं निराश हूं। इसलिए यह और भी जरूरी हो गया है कि कश्मीर की भरोसेमंद संस्थाएं और प्रमुख मुसलमान आगे आएं और 1990 के हमारे पापों को कबूल करें।'
माफी मांगना न्याय की राह में पहला कदम- अग्निहोत्री
इसी के बाद विवेक अग्निहोत्री ने न्यूज चैनल का एक क्लिप शेयर करके लिखा है, 'ये युवा कश्मीरी मुसलमान 'कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर' माफी मांग रहा है। उन्होंने आगे लिखा है 'नरसंहार की बात कबूल करना और माफी मांगना न्याय के अधिकार का पहला कदम है। अगर को इस युवा व्यक्ति को जानता है तो प्लीज मेरा प्यार और शुक्रिया उन तक पहुंचाइए।'












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