दिल्ली की 19 साल की एक स्टूडेंट घर पहुंच कर क्वारंटीन रही, 20 दिन बाद पॉजिटिव निकली
दिल्ली- कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर दुनिया भर में रिसर्च का दौर जारी है। आमतौर पर संदिग्ध लोगों को 14 दिन क्वारंटीन रहने को कहा जाता है। लेकिन, केरल में दिल्ली से गई एक स्टूडेंट को 20 दिन बाद कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया है। जबकि, उसमें न तो कोई कोरोना जैसा लक्षण दिख रहा था और उसने घर पहुंचकर 14 दिन अनिवार्य क्वारंटीन का समय भी पूरा किया था। अब स्थानीय जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है कि इतने दिनों बाद उसके कॉन्टैक्ट्स को कैसे तलाश करे। क्योंकि, अभी तक वहां पर कम्युनिटी स्प्रेड का कोई सबूत नहीं मिला है। (तस्वीर प्रतीकात्मक)

घर पहुंचने के 20 दिन बाद निकली पॉजिटिव
केरल की पथानामथिट्टा जिले की रहने वाली 19 साल की एक लड़की को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। वह मार्च में ही दिल्ली से अपने घर लौटी थी। घर पहुंचकर उस लड़की ने 14 दिन का अनिवार्य क्वारंटीन भी पूरा किया और उसमें कभी कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखाई पड़े। पथानामथिट्टा जिला प्रशासन के मुताबिक वह ट्रेन के जरिए 17 मार्च को ही दिल्ली से केरल पहुंच गई थी। उसने 15 मार्च को दिल्ली से एर्नाकुलम के लिए ट्रेन पकड़ा था। अधिकारियों के मुताबिक उसमें कभी भी कोई संदिग्ध लक्षण नहीं दिखाई दिए। लेकिन, जब जमातियों की वजह से दिल्ली कोविड-19 का हॉटस्पॉट बनकर उभरी तो उस स्टूडेंट का टेस्ट कराया गया और उसे कोरोना से संक्रमित पाया गया है।

लोगों को और ज्यादा सावधान रहना होगा- जिलाधिकारी
पथानामथिट्टा के अधिकारियों को मुताबिक वहां अभी तक कोरोना का किसी तरह से कोई कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है। हालांकि, जब से उस स्टूडेंट की रिपोर्ट आई है अधिकारी उसके संपर्क में आए लोगों की तलाश में जुटे हैं और यह तसल्ली कर लेना चाहते हैं कि कहीं जिले के किसी दूसरे हिस्से में भी तो ऐसा कोई मामला नहीं पहुंचा है। पथानामथिट्टा के जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि यह अपने आप में बहुत ही अजीब तरह का केस है और इसकी पड़ताल होनी जरूरी है। पथानामथिट्टा के जिलाधिकारी पीबी नूह ने कहा है कि इस स्टूडेंट के पॉजिटिव पाए जाने के बाद लोगों को और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत आ गई है। क्योंकि, इसने 14 दिन का क्वारंटीन भी पूरा किया और उसमें कभी लक्षण भी नहीं दिखा।

कई सवारियां पकड़ कर अपने शहर पहुंची थी
उस स्टूडेंट से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक वह 15 मार्च को दिल्ली मेट्रो के जरिए निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंची थी। हजरत निजामुद्दीन से वह मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में सवार हुई और एर्नाकुलम जंक्शन तक आई। एर्नाकुलम जंक्शन से एर्नाकुलम टाउन रेलवे स्टेशन के लिए उसने ऑटो रिक्शा पकड़ा और फिर वहां से सबरी एक्सप्रेस के साधारण डिब्बे में बैठकर चेंगान्नुर रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके आगे उसने अपने शहर पंडालम तक का सफर केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट की बस में किया।

दिल्ली बन चुकी है कोरोना की हॉटस्पॉट
बता दें कि वैसे देश में कोरोना मामले की शुरुआत सबसे पहले केरल से ही हुई थी, लेकिन आज की तारीख में दिल्ली ज्यादा बड़ी हॉटस्पॉट बनकर उभरी है। मसलन, मंगलवार सुबह 9 बजे तक केरल में जहां अब तक कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल तादाद 327 तक पहुंची थी, वहीं दिल्ली में मामले बढ़कर 523 तक पहुंच चुके थे। केरल की रहने वाली दिल्ली की इस स्टूडेंट का केस अपने आप में अलग तरह का है और अगर वह अपने गृह शहर में ही संक्रमित नहीं हुई है तो यह मामला बहुत ही गंभीर हो सकता है।












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