जो देश के 195 स्कूल के 4617 छात्र नहीं कर सके वो मरियम ने कर दिखाया
मुंबई। देश में जहां एक तरफ घर वापसी और लव जेहाद जैसे मसलों पर विवाद मचा हुए है वहीं दूसरी तरफ 12 साल की मरियम ने धर्म की एक विशाल इबारत पेश की है। मरियम ने इस्कॉन की तरफ से आयोजित गीता चैंपियन लीग को जीतकर एक नयी मिशाल कायम की है।

195 स्कूल के 4617 छात्रों को पछाड़ा
इस्कॉन तरफ से आयोजित 'गीता चैंपियन लीग' प्रतियोगिता में 195 स्कूलों के 4617 छात्रों ने हिस्सा लिया था। वहीं इस प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीतकर 12 साल की मरियम आसिफ सिद्दीकी ने सबको स्तब्ध कर दिया।
जीवन का संदेश देती है गीता
इस उपलब्धि पर मरियन ने कहा कि भागवत गीता को पढ़ना बहुत ही रोचक था। इसमें मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। इस किताब ने मुझे जीवन के अहम संदेश को समझने का मौका दिया। मरियन कहा कि इस किताब में लिखा है कि धर्म कई हैं लेकिन इंसानियत से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।
बेटी पर गर्व है पिता आसिफ सिद्दीकी को
मरियम के पिता आसिफ सिद्दीकी ने कहा कि वह अपनी बेटी की उपलब्धि से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम होने के नाते मुझे कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि मेरी बेटी को अन्य धर्म की किताबें पढ़ने का शौक होगा। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी ने इस पुस्तक को पढ़ने के बाद बताया कि हमे सभी धर्मों का आदर करना चाहिए, धर्म हमें सच्चा रास्ता दिखाते हैं।
यूपी के सीएम अखिलेश करेंगे सम्मानित
वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ‘गीता चैम्पियन्स लीग' में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर मरियम को सम्मानित करने का ऐलान किया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गीता के ऊपर बच्चों की जानकारी का आंकलन करने वाली लिखित परीक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त करने पर मरियम सिद्दीकी को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से समाज में सभी धर्मों को मानने और उनका आदर करने का एक अच्छा संदेश जाएगा।












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