40 दिनों में 7700 को मिली सरकारी नौकरी, जबकि लाखों ने रोजगार के लिए करवाया था रजिस्ट्रेशन
नई दिल्ली। 11 जुलाई, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना प्रभावित बेरोजगारी दर में सुधार के लिए एक जॉब पोर्टल लांच किया था और महज 40 दिनों में करीब 69 लाख बेरोजगार लोगों ने सरकारी नौकरी के लिए पोर्टल पर खुद को रजिस्टर्ड करवा लिया था, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ASEEM पोर्टल पर पिछले 40 दिनों में करीब 69 लाख से अधिक व्यक्तियों के रजिस्टर कराया, लेकिन महज 2 फीसदी बेरोजगारों यानी 7700 लोगों को ही नौकरी मिल सका है।

Recommended Video

14 अगस्त से 21 अगस्त के बीच 3.7 लाख उम्मीदवारों ने किया पंजीकृत
एक रिपोर्ट में बताया कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार असीम पोर्टल (Aatmanirbhar Skilled Employee Employer Mapping Portal) पर 14 अगस्त से 21 अगस्त के बीच 3.7 लाख उम्मीदवारों ने खुद को पंजीकृत किया था, जिनमें से केवल 2 फीसदी यानी 691 लोगों को वास्तविक रूप में रोजगार मिल सका है। इसके अलावा लगभग 69 लाख प्रवासी श्रमिकों ने पोर्टल पर पंजीकरण किया था, जिनमें से कुल 1.49 लाख लोगों को नौकरी की पेशकश की गई, लेकिन केवल 7,700 ही काम शुरू कर सके।

जुलाई में लॉन्च सरकारी पोर्टल पर 7 लाख से अधिक ने कराया पंजीकरण
रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई महीने लॉन्च एक सरकारी पोर्टल पर 7 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था। इस प्लेटफॉर्म से 14 अगस्त से 21 अगस्त के बीच कुल 691 लोगों को ही नौकरी मिली। मंत्रालय ने कहा कि पोर्टल सिर्फ प्रवासी श्रमिकों के लिए नहीं है। सूची में स्व-नियोजित दर्जी, इलेक्ट्रीशियन, फील्ड-तकनीशियन, सिलाई मशीन ऑपरेटर, कूरियर डिलीवरी कर्मचारी, नर्स, एकाउंट्स कर्मचारी, मैनुअल क्लीनर और बिक्री सहयोगी शामिल हैं।

कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना व तमिलनाडु में श्रमिकों की कमी
आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में श्रमिकों की कमी है, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान यहां से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का पलायन हुआ था। प्रवासी कामगारों के बीच काम की मांग में केवल एक सप्ताह में 80 फीसदी की वृद्धि हुई है। 14 से 21 अगस्त के दौरान इनकी संख्या 2.97 लाख से 3.78 लाख पहुंच गई।

रोजगार मिलने की दिशा में 9.87 फीसदी की वृद्धि हुई है
हालांकि रोजगार मिलने की दिशा में 9.87 फीसदी की वृद्धि हुई है। इस अवधि के दौरान रोजगार पाने वालों की संख्या 7,009 से 7,700 हुई। 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में पोर्टल पर पंजीकृत लोगों की संख्या में भी 11.98 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह 61.67 लाख से 69 लाख हो गई है।

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में रोजगार खोया है
कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में रोजगार खोया है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए एक सरकारी जॉब पोर्टल पर रजिस्टर्ड लोगों में से नौकरी पाने वाले व्यक्तियों की संख्या पंजीकृत होने वालों का एक अंश मात्र है। 14 अगस्त से 21 अगस्त के बीच केवल एक हफ्ते में 7 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया, लेकिन इस दौरान केवल 691 को नौकरी मिली थी।

जून में 116 जिलों में शुरू किया गया था गरीब कल्याण रोज़गार अभियान
जून में प्रधानमंत्री द्वारा 116 जिलों में शुरू किए गए गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत नौकरियों की तलाश कर रहे लोगों में केवल 5.4 फीसदी महिलाएं हैं। पोर्टल पर 514 कंपनियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 443 ने 2.92 लाख नौकरियां पोस्ट की हैं, इसमें से 1.49 लाख को नौकरी दी गई है। मार्च में लॉक डाउन शुरू हुआ था और जिन राज्यों में प्रवासी श्रमिकों का पलायन देखा गया था, जिनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार से थे।












Click it and Unblock the Notifications