Lockdown: नहीं मिल रहे ग्राहक, भुखमरी से परेशान 60% सेक्स वर्कर्स ने छोड़ी दिल्ली
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रविवार को लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान करते हुए नया दिशानिर्देश जारी कर दिया है। नई गाइटलाइंस के मुताबिक कई छूट दी गई है लेकिन अभी भी लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। देश में जब से लॉकडाउन जारी हुआ है तबसे दिहाड़ी मजदूरों का पलायन जारी है, देशबंदी का असर देह व्यापार पर भी पड़ा है। दिल्ली की कई सेक्स वर्कर लॉकडाउन के कारण आजीविका के साधन खत्म होने के कारण भुखमरी की कगार पर आ गईं, हैरानी की बात यह है कि इनमें से 60 फीसदी से अधिक अपने गृह राज्यों को लौट चुकी हैं।

60 प्रतिशत से अधिक सेक्स वर्कर्स ने किया पलायन
देशबंदी के चलते जहां लोगों की नौकरी खतरे में पड़ गई है वहीं, सेक्स वर्कर्स को भी ग्राहक नहीं मिल रहे है। इसक सीधा असर उनकी आमदनी और आजीविका पर पड़ रहा है। देशभर में सेक्स वर्कर्स के लिए काम करने वाली संस्था ऑल इंडिया नेटवर्क ऑफ सेक्स वर्कर्स (एआईएनएसब्लयू) की अध्यक्ष कुसुम ने बताया कि दिल्ली में काम करने वाली 60 प्रतिशत से अधिक सेक्स वर्कर्स अपने मूल निवास स्थान के लिए निकल चुकी हैं।

दिल्ली में 5 हजार पंजीकृत सेक्स वर्कर्स
बता दें कि एआईएनएसब्लयू सेक्स वर्कर्स के लिए कानूनी अधिकार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर काम करती है। कुसुम के मुताबित दिल्ली सरकार के आंकड़ों की मानें तो राजधानी में 5 हजार पंजीकृत सेक्स वर्कर्स हैं, इमने से तीन हजार लॉकडाउन के चलते भुखमरी की वजह से अपने गृह राज्यों को लौट चुकी हैं। कुसुम ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते उन्हें खाने और दवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का संघर्ष झेलना पड़ रहा है।

पेट पालने के लिए इस धंधे में आना पड़ा
कई सप्ताह तक जसने इन संघर्षों के झेलने में समर्थ रहीं वह रूकीं और जो नहीं सहन कर पाई उनको आखिरकार दिल्ली छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। एक एक सेक्स वर्कर ने बताया कि आठ साल दिल्ली में रहने के बाद आखिरकार उसे उत्तर प्रदेश में अपने गांव को लौट पड़ा। युवती ने बताया कि वह 18 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के अपने घर से भागकर दिल्ली आ गई थी, वर्तमान में उसकी उम्र 26 वर्ष है। युवती ने बताया कि वह एक्ट्रेस बनना चाहती थी लेकिन बाद में पेट पालने के चलते इस धंधे में आ गई।

जमापूंजी भी खत्म होती जा रही है
26 वर्षीय युवती ने बताया कि जबसे लॉकडाउन शुरू हुआ है तब से कोई भी ग्राहक नहीं मिला है, अब सारी जमापूंजी भी खत्म होती जा रही है। एक अन्य सेक्स वर्कर ने बताया कि उसने अपने चार साल के बेटे को दो महीने से पेटभर के भोजन नहीं कराया है, एक दिन कमजोरी के कारण बेटा बेहोश हो गया जिसके बाद उसने अपने घर लौटने का फैसला किया। दिल्ली में काम करने वाली कई सेक्स वर्कर्स भी ऐसी ही बेबसी की शिकार हैं। बता दें कि यह सभी सेक्स वर्कर्स दिल्ली के जीबी रोड़ इलाके में रहती हैं जहां 100 से अधिक वेश्यालय हैं।
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