पुंछ में पाक की ओर से गोलीबारी में छह की मौत, बुलाए गए बासित
नई दिल्ली। जम्मू के पुंछ और बागलकोट में पाकिस्तान की ओर से जारी फायरिंग किसी भी तरह से नियंत्रण में नहीं आ रही है। इस फायरिंग में अब तक छह नागरिकों की मौत हो चुकी है जिसमें एक महिला भी शामिल है। बीएसएफ और भारतीय सेना पाक की ओर से जारी फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

शनिवार से जारी है फायरिंग
पुंछ और इससे सटे इलाकों में शनिवार से ही फायरिंग जारी है। सीजफायर वॉयलेशन का आंठवा दिन है। दिलचस्प बात है कि 23 और 24 अगस्त को भारत और पाक के बीच एनएसए स्तर की वार्ता होनी है।
इससे पहले सीमा पर फायरिंग में तेजी आ गई है और इसमें किसी भी तरह से कमी नहीं आ रही है। आर्मी स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता के मुताबिक पाक सेना की रविवार सुबह से ही फारॅवर्ड पोस्ट पर हैवी फायरिंग के साथ ही मोर्टार भी दाग रही है।
गांव छोड़ने को तैयार नागरिक
बालकोट सेक्टर के बहरोट गांव में फायरिंग की वजह से एक महिला नुसरत बी की मौत हो गई है। सेना और बीएसएफ अधिकारियों के मुताबिक पाक सेना 82 एमएम के मोर्टार दाग रही है। गोलीबारी में मरने वालों की संख्या छह हो गई है और पांच अन्य घायल हुए हैं।
नागरिकों में फायरिंग की वजह से डर और दहशत की स्थिति हैं। गांववालों ने अब सीमा से सटे गांवों को छोड़ने का मन बना लिया है।
35 बार टूटा सीजफायर
पुंछ में नियंत्रण रेखा पर हमीरपुर, सोजियान और मंडी सेक्टरों में रातभर गोलीबारी होती रही तथा मोर्टार दागे गए। पुंछ के उपायुक्त निसार अहमद ने कहा, हम यह देखने के लिए क्षेत्रों में जा रहे हैं कि गोलाबारी और गोलीबारी की चपेट में आए इलाकों से लोगों को किस तरह सुरक्षित निकाला जा सकता है।
अगस्त में 15 अगस्त तक 35 बार सीजफायर तोड़ा गया है। जुलाई में पाक की ओर से 19 बार सीजफायर तोड़ा गया था इसमें तीन जवानों के साथ चार लोगों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तानी की ओर से 14 अगस्त को एलओसी से सटे मंडी, हमीरपुर और सोजियान सेक्टरों में स्थित फॉरवर्ड पोस्ट्स पर और असैन्य इलाकों पर 60 एमएम और 80 एमएम के मोर्टार दागे गए थे।
पाक की ओर से 12,13 अगस्त की रात पुंछ, राजौरी और जम्मू जिलों के कृष्णाघाटी, भीम्बर गली और पल्लनवाला सेक्टरों में चार बार सीजफायर का वॉयलेशन किया।
बासित को भेजा गया समन
फायरिंग के बीच ही भारत ने पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित को समन भेजा है। सूत्रों की मानें तो सरकार का रुख काफी कड़ा है और बासित से फायरिंग को लेकर सवाल किए जा सकते हैं।
कहीं न कहीं सीमा पर जारी इस फायरिंग का असर 23-24 अगस्त को होने वाली एनएसए स्तर की वार्ता पर भी पड़ने के पूरे आसार हैं।












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