सीमा संघर्ष: CM हिमंत बिस्वा बोले- एक इंच भी जमीन नहीं दूंगा, सुप्रीम कोर्ट का करेंगे रुख
दिसपुर, 27 जुलाई। असम और मिजोरम के बीच जारी सीमा संघर्ष में सोमवार को पांच पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की मौत हो गई। दोनों राज्यों की सीमा पर पुलिसकर्मियों और नागरिकों के बीच हुए खूनी संघर्ष को लेकर मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा बड़ा बयान दिया। उन्होंने जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और मृतकों के सम्मान में 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। इस दौरान सीएम हिमंत बिस्वा ने यह भी कहा कि वह किसी को भी असम की जमीन का एक इंच टुकड़ा भी नहीं देंगे।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सिलचर में सीमा संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, मैं जमीन का एक इंच भी किसी को नहीं दे सकता, अगर कल संसद एक क़ानून बना दे कि बराक वैली को मिजोरम को दिया जाए, तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। परन्तु जब तक संसद यह फैसला नहीं लेती, मैं किसी भी व्यक्ति को असम की जमीन नहीं लेने दूंगा।
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सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा, 'यह आरक्षित वन क्षेत्र है। सैटेलाइट इमेजिंग की मदद से आप देख सकते हैं कि अतिक्रमण कैसे हुआ है। असम सरकार ने भी इस पर (कानून) मुकदमे के साथ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। जब गोलीबारी हो रही थी मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री को छह बार फोन किया। उन्होंने 'सॉरी' कहा और मुझे आइजोल में बातचीत के लिए आमंत्रित किया। हमारी जमीन का एक इंच भी कोई नहीं ले सकता। हम अपने क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, सीमा पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है।' उन्होंने आगे कहा, यह एक आरक्षित वन है, क्या आरक्षित वन का उपयोग बंदोबस्त के लिए किया जा सकता है? विवाद जमीन का नहीं, जंगल का है। असम जंगल की रक्षा करना चाहता है। हम वहां कोई समझौता नहीं चाहते हैं।












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