2जी घोटाला: आरोपियों को बरी करने के मामले में जस्टिस खन्ना की पीठ मंगलवार से करेगी सुनवाई
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में आरोपियों को बरी करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर अब जस्टिस योगेश खन्ना की एकल पीठ सुनवाई करेगी। इससे पहले ये मामला जस्टिस बृजेश सेठी की पीठ के पास था, लेकिन वो आज (30 नवंबर) को रिटायर हो गए। ऐसे में जस्टिस खन्ना की पीठ एक दिसंबर को इस मामले में सुनवाई करेगी।

दरअसल 2जी घोटाले को देश का सबसे बड़ा आर्थिक घोटाला माना जाता है। इस घोटाले का खुलासा कैग ने 2010 में किया था। उस दौरान स्पेक्ट्रम की नीलामी की जगह कंपनियों को 'पहले आओ पहले पाओ' के आधार पर लाइसेंस दे दिए गए। बाद में पता चला कि इसकी वजह से 76 हजार करोड़ का नुकसान सरकारी खजाने को हुआ है। इस घोटाले में एम. के. कनिमोझी, ए. राजा समेत दर्जनभर लोग आरोपी थे। जिन्हें दिल्ली की एक अदालत ने बरी कर दिया था। इसी के खिलाफ सीबीआई हाईकोर्ट पहुंची है।
ए. राजा भी पहुंचे थे हाईकोर्ट
वहीं कुछ दिन पहले पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने खुद को बरी किए जाने के खिलाफ दायर सीबीआई की याचिका को रद्द करने की मांग की थी। ए. राजा के मुताबिक भ्रष्टाचार रोधी कानून में संशोधन के बाद ये मामला निष्फल हो चुका है। इस पर हाईकोर्ट ने ए. राजा की याचिका खारिज कर दी। साथ ही कहा कि भ्रष्टाचार रोकथाम कानून में धारा 13 (1) (डी) से संबंधित संशोधन 2जी स्पेक्ट्रम में बरी आरोपियों के बचाव में काम नहीं आएगा।












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