नेपाल में फंसे 1000 भारतीय तीर्थयात्रियों का रेस्‍क्‍यू तेज, पीएम मोदी ने पूछा प्रभावितों का हाल-चाल

कर्नाटक से कैलाश मानसरोवार यात्रा पर गए करीब 290 तीर्थयात्री भारी बारिश की वजह से नेपाल में फंस गए हैं। सोमवार को भारत सरकार की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है लेकिन सरकार ने यह भी कहा है कि ये सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और इन्‍हें भारतीय दूतावास की ओर से मदद मुहैया कराई जा रही है।

नई दिल्‍ली। कर्नाटक से कैलाश मानसरोवार यात्रा पर गए 1000 से ज्‍यादा तीर्थयात्री नेपाल में फंस गए हैं। सोमवार को भारत सरकार की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है लेकिन सरकार ने यह भी कहा है कि ये सभी तीर्थयात्री सुरक्षित हैं और इन्‍हें भारतीय दूतावास की ओर से मदद मुहैया कराई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश मंत्रालय और तमाम वरिष्‍ठ अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं। पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाएं।

 नेपाल की सरकार ने भेजे 11 हेलीकॉप्‍टर्स

नेपाल की सरकार ने भेजे 11 हेलीकॉप्‍टर्स

नेपाल में 1575 भारतीय तीर्थयात्रियों के बचाव के लिए दूतावास भी सक्रिय हो गया है। ये तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। काठमांडू में भारत के कार्यवाहक राजदूत बीके रेग्‍मी ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई को जानकारी दी है कि हिल्‍सा में करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर फंसे लोगों को बचाने का काम तेजी से जारी है। नेपाल की सरकार की ओर से 11 हेलीकॉप्‍टर्स भेजे गए हैं। साथ ही साथ प्राइवेट हेलीकॉप्‍टर्स की मदद भी बचाव कार्य के लिए ली जा रही है।भारत सरकार ने नेपाल की सरकार से अनुरोध किया था कि तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए आर्मी हेलीकॉप्‍टर मुहैया कराया जाए।

कमर्शियल फ्लाइट्स पहुंची नेपाल

कमर्शियल फ्लाइट्स पहुंची नेपाल

मंगलवार को नेपाल के सिमिकोट में दो कमर्शियल फ्लाइट्स पहुंची हैं और यहां से 525 तीर्थयात्रियों को निकालने का काम जारी है। वहीं हिलसा में फंसे सैकड़ों श्रद्धालुओं को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यहां आंध्र प्रदेश के एक श्रद्धालु की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हिल्‍सा में बारिश और खराब मौसम की चपेट में आए 104 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों को सिमीकोट से हिल्‍सा लाया गया है। श्रद्धालुओं को बचाने के लिए नेपालगंज से सिमिकोट के लिए सात फ्लाइट्स ऑपरेट की जा रही हैं। इस बीच आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी जिले के श्रद्धालु जी सुब्बाराव की नेपाल के हिलसा में मौत हो गई। उनके शव को नेपालगंज लाया गया है। यहां पोस्टमॉर्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को गृहनगर में भेजा जाएगा।

भारतीय दूतावास एक्टिव

भारतीय दूतावास एक्टिव

विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज की ओर से भी इस पर एक ट्वीट किया गया। उन्‍होंने अपनी इस ट्वीट में जानकारी दी है कि सिमिकोट में 525 तीर्थयात्री, 550 हिल्‍सा में तो 500 तीर्थयात्री तिब्‍बत की तरफ फंसे हुए हैं। उन्‍होंने एक और ट्वीट में कहा , 'नेपाल में भारतीय दूतावास ने नेपालगंज और सिमिकोट में अपने रिप्रजेंटेटिव्‍स को तैनात क दिया है। वे हर तीर्थयात्री के संपर्क में हैं और खाने-पीने के सामान के अलावा हर जरूरी सामान की सुनिश्चितता तय कर रहे हैं।'

सुषमा रख रही हैं हालातों पर नजर

सुषमा रख रही हैं हालातों पर नजर

सुषमा ने बताया कि सिमिकोट में बूढ़े तीर्थयात्रियों का हेल्‍थ चेक अप किए जा रहा है। उन्‍हें सभी तरह की जरूरी मेडिकल मदद भी दी जा रही है। वहीं, हिल्‍सा मे दूतावास ने पुलिस अथॉरिटीज से सभी जरूरी मदद देने का अनुरोध किया गया है। कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी ने नई दिल्‍ली मे स्थित कर्नाटक भवन में रेजीडेंट कमिश्‍नर को निर्देश दिया है कि सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्‍चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए राज्‍य के तीर्थयात्रियों के बारे में जानकारी ली है और अधिकारियों को उन्‍हे जरूरी मदद देने का निर्देश दिया है।

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