पेशावर हमला: देशभर के स्कूलों में दो मिनट का मौन और संसद में श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। मंगलवार को पेशावर के आर्मी स्कूल पर तहरीक-ए-तालिबान के सात आतंकियों ने 138 मासूम बच्चों की जान ले ली तो उसका दर्द भारत ने भी महसूस किया। बुधवार को देश भर के सभी स्कूलों में उन 132 बच्चों के लिए मौन रखा गया जो पेशावर में आतंकी कार्रवाई में मार दिए गए।

देश के बच्चे भी दुखी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सभी स्कूलों में 2 मिनट का मौन रखने की अपील की गई थी। बुधवार की सुबह दिल्ली सहित देश के तमाम स्कूलों में छात्रों ने दो मिनट का मौन रखा।
वहीं देशभर के स्कूलों की सुरक्षा इस हमले के बाद बढ़ा दी गई। मोदी ने मंगलवार को ट्वटी कर स्कूलों से मौन की अपील की थी। देश में जिन स्कूलों में बच्चों ने मौन रखा था, उन्हें भी यकीन नहीं था कि पेशावर में ऐसा हमला हो सकता है जिसमें बच्चों को निशाना बनाया जा सकेगा। वह हैरान थे और उनकी आंखों में दर्द का मंजर भी नजर आ रहा था।
मोदी ने दिया पाक को भरोसा
वहीं मोदी ने पाकिस्तान को भरोसा भी दिलाया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत उसके साथ खड़ा है। मोदी ने देर रात पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फोन कर इस घटना पर दुख जताया। साथ ही साथ हरसंभव मदद की पेशकश भी की।
मोदी ने अपनी ट्वीट में लिखा था कि दुख की इस घड़ी में दोनों देश एक साथ हैं। ये घटना उन सभी के लिए बहुत तकलीफदेह है जो मानवता में यकीन रखते हैं और आतंकवाद को मात देना चाहते हैं।
लोकसभा और राज्यसभा में भी मौन
पेशावर में हुए आतंकी हमले के बाद बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई शुरू होते ही सदन में दो मिनट का मौन रखकर हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस हमले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस हमले में ना केवल मासूम बच्चों का कत्ल-ए-आम किया गया है बल्कि मानवता को ही मार दिया गया है।
वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि यह अमानवीय हमला आतंकवाद के वास्तविक खतरे को उजागर करता है।












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