कोरोना की वजह से भारत में 19 लाख बच्चों ने खोए अपने माता-पिता या देखभाल करने वाले: स्टडी
नई दिल्ली, 25 फरवरी: कोरोना महामारी का कहर पिछले दो साल से दुनियाभर में जारी है। हालांकि अब वैज्ञानिकों ने इसकी कई वैक्सीन खोज ली हैं, साथ ही दुनियाभर के ज्यादातर देशों में इसे लोगों को दिया भी जा रहा, लेकिन महामारी को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट आई है। जिसके मुताबिक मार्च 2020 से दुनियाभर में कम से कम 50 लाख बच्चों ने कोरोना की वजह से अपने माता-पिता या फिर देखभाल करने वाले लोगों को खो दिया। भारत की बात करें तो इनकी संख्या 19 लाख के आसपास है।

लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ में प्रकाशित एक नए मॉडलिंग अध्ययन के मुताबिक दुनियाभर में 50 लाख बच्चों ने अपने माता-पिता या देखभाल करने वालों को कोरोना की वजह से गंवाया है। भारत में ऐसे बच्चों की संख्या कम से कम 19 लाख तक थी। अध्ययन में पता चला कि पेरू और साउथ अफ्रीका में ये दर सबसे उच्चतम है, जहां 1000 बच्चों में से 7-8 ने अपने माता-पिता को खोया। इसके अलावा 0-4 साल के करीब पांच लाख बच्चे और 5-9 साल के 7.4 लाख बच्चे कोरोना की वजह से अनाथ हुए। वहीं किशोर वर्ग (10-17) के 21 लाख बच्चे इससे प्रभावित हुए हैं।
प्रजनन क्षमता और अधिक मृत्यु दर को मिलाकर शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि 1 मार्च, 2020 और 31 अक्टूबर, 2021 के बीच 52 लाख बच्चों ने एक देखभाल करने वालों को खो दिया है। इस अध्ययन को यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन, इंपीरियल कॉलेज लंदन, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, यूनिवर्सिटी ऑफ केप टाउन, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और अन्य के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया था। अध्ययन में पता चला कि कोविड की वजह से अनाथ हुए तीन में से दो बच्चे 10 से 17 वर्ष की आयु के किशोर हैं।
अध्ययन के मुताबिक भारत में 19.17 लाख बच्चों ने अपने माता-पिता या देखभाल करने वाले को खोया है। साथ ही पता चला कि 10-17 आयु वर्ग में 49 प्रतिशत ने अपने पिता को खो दिया, जबकि 15 प्रतिशत ने अपनी मां को खोया।












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