कूड़े से भरे फ्लैट में मां ने 3 महीने से बेटी को कर रखा था कैद, पुलिस ने छुड़ाया

किशोरी को पड़ोसियों से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बचाया। पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी जिसके बाद लड़की को वहां से निकालकर एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने ईस्ट-दिल्ली के एक कूड़े भरे फ्लैट से 17 साल की लड़की को छुड़ाया है। पिछले तीन महीने से ये लड़की कूड़े भरे फ्लैट में अकेले रह रही थी। लड़की की पहचान पीहू के रुप में हुई है। पड़ोसियों के मुताबिक पीहू को उसकी मां ने घर में कैद कर रखा था। पड़ोसियों ने ही पुलिस को जानकारी दी थी जिसके बाद लड़की को वहां से निकालकर एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

तीन महीने से कैद थी लड़की

तीन महीने से कैद थी लड़की

दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर रविंद्र यादव ने बताया कि लड़की के माता-पिता कई सालों से गुजारा भत्ता को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में यह लड़की पिछले तीन महीने से अकेली रह रही थी। इस किशोरी को पड़ोसियों से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बचाया। पड़ोसियों ने पुलिस को जानकारी दी जिसके बाद लड़की को वहां से निकालकर एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। किशोरी जिस फ्लैट में रह रही थी, उसे अंदर से बंद रखा गया था। रविंद्र यादव ने बताया कि लड़की सेहत बहुत खराब है जिसका ईलाज चल रहा है।

दो बार खाना खाती थी लड़की

दो बार खाना खाती थी लड़की

खबरों के मुताबिक पीहू कूड़े वाले घर में दो बार खाना खाती थी और सोफे पर सोती थी, जिसके आस-पास कूड़ा था। वह दूसरी मंजिल पर दो कमरे के फ्लैट में रहती थी। बचाए जाने और मयूर विहार के एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उसने दावा किया कि उसने स्वेच्छा से खुद को कमरे में बंद कर रखा था। चूंकि कोई शिकायत नहीं मिली है, इसलिए मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि दिल्ली पुलिस इस संबंध में महिला आयोग की ओर से निर्देश मिलने पर कार्रवाई करने का इंतजार कर रही है।

पड़ोसियों ने लगाया मां पर आरोप

पड़ोसियों ने लगाया मां पर आरोप

हालांकि पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि लड़की को जबरदस्ती उसकी मां ने इस फ्लैट में रखा गया था. लड़की की 44 साल की मां अपने पति के साथ कड़कड़डूमा कोर्ट में गुजारा भत्ता केस लड़ रही है. इस दंपति के दो बच्चे हैं. मां अपनी 22 साल की बड़ी बेटी के साथ दिल्ली के पांडव नगर में किराये के मकान में रहती है। जब पड़ोसियों ने युवती के रोने की आवाज सुनी तो पुलिस को बुलाया गया। जब पुलिस पहुंची तो मां को भी बुलाया गया। शुरुआत में तो मां ने दरवाजा खोलने के लिए मना कर दिया, लेकिन जब पुलिस ने जोर दिया था दरवाजा खोला गया।

बुरे हाल में थी लड़की

बुरे हाल में थी लड़की

दरवाजा खुला तो देखा लड़की सोफे पर बैठी है और ठीक से बोल भी नहीं पा रही है। इसके बाद लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के मुताबिक लड़की ने अपनी मां पर किसी तरह के आरोप नहीं लगाए हैं। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि तलाक के बाद उन्हें बच्चों से मिलने नहीं दिया गया।

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