14 July Holiday in India: सावन के सोमवार पर इन जिलों में बंद हैं स्कूल, कहीं आपके यहां भी तो नहीं है छुट्टी?
14 July Holiday in India: सावन आते ही उत्तर भारत के कई इलाकों में धार्मिक जोश चरम पर पहुंच गया है। हर साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा की शुरुआत होते ही सड़कों पर भगवा रंग की भीड़ उमड़ने लगी है। श्रद्धालु दूर-दूर से गंगा जल लेने के लिए पैदल यात्रा पर निकल पड़े हैं, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
भीड़, ट्रैफिक और सुरक्षा को देखते हुए यूपी और हरियाणा के कुछ जिलों में सावन के सोमवार को स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया गया है। खासकर उन इलाकों में, जहां से कांवड़ यात्रा का रूट गुजरता है, वहां ये फैसला बच्चों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। नूंह जैसे जिले में तो दो दिन की छुट्टी दी गई है, क्योंकि यहां कांवड़ यात्रा के साथ-साथ ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा भी निकल रही है।

सावन की शुरुआत के साथ बढ़ी धार्मिक गतिविधियां
श्रावण मास की शुरुआत होते ही देशभर में धार्मिक माहौल गहरा गया है। खासकर उत्तर भारत के कई हिस्सों में कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। हजारों कांवड़िए गंगाजल लेने के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर भीड़ और ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ जिलों में स्कूलों को सोमवार के दिन बंद रखने का फैसला लिया गया है।
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कौन-कौन से जिले हुए प्रभावित?
उत्तर प्रदेश में वाराणसी और बदायूं जिलों में सावन के हर सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे। दोनों जिलों के जिलाधिकारियों ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं और स्कूल प्रशासन को इसका कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं हरियाणा के नूंह जिले में 13 और 14 जुलाई को स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। यहां ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा भी कांवड़ यात्रा के साथ ही चल रही है, जिससे प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है।
स्कूल बंद करने का कारण
स्कूलों की छुट्टी के पीछे कई वजहें हैं:
- बच्चों और स्कूल बसों की सुरक्षा
- भारी ट्रैफिक और जाम की स्थिति
- धार्मिक भीड़ को संभालना
- कानून व्यवस्था बनाए रखना
प्रशासन का मानना है कि स्कूल बंद करने से ट्रैफिक और भीड़ पर थोड़ा नियंत्रण पाया जा सकेगा और बच्चों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
क्या है कांवड़ यात्रा?
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है। सावन के महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालु गंगा से जल भरकर अपने शहरों के शिव मंदिरों तक पैदल जाते हैं। ये यात्रा कई सौ किलोमीटर लंबी होती है और इसमें लाखों लोग हिस्सा लेते हैं।
सावन कब से शुरू हुआ है?
सावन 2025 की शुरुआत 9 जुलाई से हुई है और यह अगस्त मध्य तक चलेगा। सावन का हर सोमवार विशेष रूप से पवित्र माना जाता है और इसी दिन कांवड़ यात्रा की भीड़ सबसे ज्यादा होती है।
क्या करें अभिभावक?
- अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से सोमवार की छुट्टियों की पुष्टि करें।
- भीड़ और ट्रैफिक के हालात को देखते हुए आने वाले हफ्तों में और भी जिले स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा कर सकते हैं।
- स्थानीय प्रशासन स्थिति के आधार पर हर हफ्ते अपडेट जारी कर सकता है।
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