काबुल से दिल्ली पहुंचे 129 यात्री, महिला ने रोते हुए बयां किया अफगानिस्तान में अपने परिजनों का हाल
नई दिल्ली, 15 अगस्त। एक तरफ जहां भारत 15 अगस्त को अपनी आजादी का 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है वहीं, दूसरी ओर अफगानिस्तान पर पूरी तरह से तालिबान का कब्जा हो गया है। रविवार को तालिबान लड़ाकों ने अफगान की राष्ट्रीय राजधानी काबुल पर धावा बोला और राष्ट्रपति भवन समेत कई अहम क्षेत्रों को अपने कब्जे में ले लिया। इस बीच भारत के एयर इंडिया विमान से अफगान से करीब 129 लोग नई दिल्ली पहुंचे हैं, इनमें पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के चचेरे भाई और पूर्व सांसद जमीन करजई जैसे कई लोग शामिल हैं।
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इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही अफगानिस्तान के पूर्व सांसद जमील करजई ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा, 'जब मैं वहां से भागा हूं तो वहां के क्या हालात होंगे आप समझ सकते हैं। अशरफ गनी का टीम गद्दार है उन्होंने अफगानिस्तान के लोगों के साथ गद्दारी की है, लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे।' काबुल से दिल्ली पहुंची एक महिला ने रोते हुए अफगानिस्तान के हालात बयां किए। महिला ने कहा, 'मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि दुनिया ने अफगानिस्तान को छोड़ दिया है। हमारे दोस्त मारे जा रहे हैं। वे (तालिबान) हमें मारने जा रहे हैं। हमारी महिलाओं को कोई और अधिकार नहीं मिलने वाला है।'
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राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार ने क्या कहा?
दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे पख्तिया प्रांत के सांसद सैयद हसन पख्तियावल ने कहा कि वहां स्थिति वास्तव में खराब है, खासकर आज रात वास्तव में बहुत खराब है। मैं देश नहीं छोड़ना चाहता, मैं यहां एक बैठक के लिए आया था। मैं अफगानिस्तान वापस जाऊंगा। वहीं, अफगान राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार रिजवानुल्ला अहमदजई ने कहा, 'अफगानिस्तान के ज्यादातर हिस्सों में शांति है। मंत्रियों जैसे लगभग सभी राजनीतिक व्यक्ति काबुल छोड़ चुके हैं। करीब 200 लोग दिल्ली आ चुके हैं। मुझे लगता है कि यह नया तालिबान है जो महिलाओं को काम करने देगा।'
129 यात्री दिल्ली पहुंचे
बता दें कि काबुल से नई दिल्ली आने वाली फ्लाइट में अफगानिस्तान से 129 यात्री दिल्ली पहुंचे हैं। काबुल से दिल्ली पहुंचे बेंगलुरु के बीबीए के छात्र अब्दुल्ला मसूदी ने अफगाने का आंखों देखा हाल बयां करते हुए कहा, लोग बैंकों की ओर दौड़ पड़े। मैंने कोई हिंसा नहीं देखी लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि कोई हिंसा नहीं हुई होगी। मेरा परिवार अफगानिस्तान में है, मेरी उड़ान पूर्व नियोजित थी। काबुल से आज कई लोग निकले है।












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