KCR कल BRS के संविधान का करेंगे अनावरण

बीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव मंगलवार से दो दिवसीय राजा श्यामला देवी यज्ञ में भाग लेने के लिए परिवार के सदस्यों के साथ सोमवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान वह पार्टी के संविधान, इसके लक्ष्यों और उद्देश्यों को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। साथ ही इसकी जानकारी चुनाव आयोग को भी देंगे। केसीआर को लगता है कि बीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक समुदायों के जीवन में आमूलचूल बदलाव लाने की जरूरत है। बीआरएस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि पार्टी का संविधान इन्हीं विंदुओं को फोकस करेगा।
इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित संविधान में बहु-सांस्कृतिक पहचान, विविधता में एकता, धर्मनिरपेक्षता, सीमा मुद्दों, रक्षा प्रणाली, आतंकवाद से निपटने, महिला सशक्तिकरण और युवाओं की आकांक्षाओं के बारे में भी बात करेगा। क्योंकि केसीआर चाहते हैं कि बीआरएस को जल्द ही एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता मिल जाए, इसलिए वह चुनाव आयोग को संविधान पेश करने की कवायद कर रहे हैं। इस संविधान में बीआरएस के मुख्य लक्ष्य निर्धारित हैं।
वहीं, वरिष्ठ नेताओं ने यह भी बताया कि केसीआर 14 दिसंबर को नई दिल्ली में कुछ बुद्धिजीवियों, समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल के नेताओं और सेवानिवृत्त नौकरशाहों के साथ विचार-विमर्श के दौरान पार्टी के विजन दस्तावेज का मसौदा पेश कर सकते हैं। नेताओं ने कहा कि पार्टी के एजेंडे में विभिन्न वर्गों के राजनीतिक सशक्तिकरण और भविष्य की राजनीतिक ताकत के रूप में किसानों व पिछड़े समुदायों को बढ़ावा देने के एजेंडे को भी शामिल किया जाएगा। क्योंकि बीआरएस अपने नारे के रूप में 'आब की बार किसान सरकार' नारा पहले ही दे चुके हैं।
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