600000 से ज्यादा पेड़ों से IPL ग्रीन डॉट बॉल का कमाल, किस राज्य में लगे सर्वाधिक पौधे? यहां देखें पूरी लिस्ट
IPL Green Dot Ball: क्रिकेट की दुनिया में अब तक 'डॉट बॉल' का मतलब केवल एक रन का न बनना होता था, लेकिन बीसीसीआई की दूरदर्शी सोच ने इस परिभाषा को पूरी तरह बदल दिया है। ग्रीन डॉट बॉल अभियान के जरिए क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई यह पहल आज भारत के कोने-कोने में हरियाली फैला रही है। यह महज एक विज्ञापन अभियान नहीं, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ खेल जगत का सबसे बड़ा योगदान बनकर उभरा है।
इस अभियान की साख इसकी पारदर्शिता और इसके ठोस आंकड़ों में छिपी है। 2023 में शुरू हुए इस सफर ने 2026 तक आते-आते एक विशाल आंदोलन का रूप ले लिया है। इस सीजन में बीसीसीआई ने नियम बनाया है कि लीग चरण की हर डॉट बॉल पर 19 पौधे लगाए जाएंगे, जबकि प्लेऑफ और फाइनल में यह संख्या बढ़कर 500 पौधे प्रति डॉट बॉल हो जाती है।

इस सीजन प्लेऑफ़ में कितने पेड़ होंगे, इसकी जानकारी बाद में आएगी। यही कारण है कि आज हम लाखों की संख्या में वृक्षारोपण का आंकड़ा देख पा रहे हैं। फ़िलहाल तीन साल में 6 लाख से ज्यादा पेड़ लगे हैं।
असम में सर्वाधिक पेड़ लगाए गए
रिपोर्ट्स के अनुसार वर्तमान सीजन के आंकड़े बताते हैं कि इस अभियान का सबसे बड़ा लाभ उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारत के राज्यों को मिला है। असम और केरल जैसे राज्यों में जहां बारिश और जैव-विविधता अधिक है, वहां लाखों की संख्या में पौधे रोपे गए हैं। इसके साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र जैसे औद्योगिक राज्यों में भी हरित क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया गया है। नीचे दी गई तालिका इन आंकड़ों को विस्तार से स्पष्ट करती है।
| क्र | राज्य | लगाए गए पौधे | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| 1 | असम | 3,51,937 | वन्यजीव गलियारों और घने जंगलों का विस्तार। |
| 2 | केरल | 2,60,556 | तटीय पारिस्थितिकी और आर्द्रभूमि का संरक्षण। |
| 3 | हिमाचल प्रदेश | 12,780 | पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन रोकना और हरियाली बढ़ाना। |
| 4 | गुजरात | 12,000 | शुष्क इलाकों में हरियाली के जरिए तापमान कम करना। |
| 5 | महाराष्ट्र | 10,000 | शहरी क्षेत्रों के आसपास 'ग्रीन बेल्ट' विकसित करना। |
आने वाले समय में और ज्यादा बड़ा होगा अभियान
ग्रीन डॉट बॉल अभियान ने यह साबित कर दिया है कि खेल और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। 6 लाख से अधिक पौधों का यह आंकड़ा सिर्फ शुरुआत है। जैसे-जैसे आईपीएल का कारवां आगे बढ़ेगा, यह उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले समय में भारत के हर राज्य में आईपीएल के नाम से एक नया जंगल लहलहाएगा।
अभी इस सीजन आईपीएल में बचे हुए मैचों में आंकड़ा और ज्यादा बढ़ जाएगा। लीग चरण और प्लेऑफ़ के मुकाबले हैं। उसके बाद डॉट बॉल्स में और बढोत्तरी होगी।












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