CM Suvendu Adhikari: बंगाल में नया सियासी संदेश! भवानीपुर से शपथ, नंदीग्राम सीट छोड़ेंगे सीएम सुवेंदु अधिकारी
Suvendu Adhikari Nandigram Seat Vacate: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम विधानसभा सीट छोड़ने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव में उन्होंने दो सीटों भवानीपुर और नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था और दोनों जगह जीत हासिल की थी।
अब उन्होंने संकेत दे दिए हैं कि वह भवानीपुर सीट अपने पास रखेंगे और नंदीग्राम सीट छोड़ देंगे।

खास बात यह है कि भवानीपुर सीट वही सीट है जहां सुवेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को बड़े अंतर से हराया था। इस जीत को बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
विधानसभा पहुंचते ही सीढ़ियों पर टेका माथा
मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी जब पहली बार पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे तो उनका अंदाज चर्चा का विषय बन गया। विधानसभा भवन में प्रवेश करने से पहले उन्होंने अपनी चप्पल उतारी और सीढ़ियों पर माथा टेककर लोकतंत्र और सदन के प्रति सम्मान जताया। इसके बाद उन्होंने चप्पल पहनी और विधानसभा के अंदर प्रवेश किया। उनकी यह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। बीजेपी नेताओं और समर्थकों ने इसे लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।
भवानीपुर सीट से ली विधायक पद की शपथ
सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा में विधायक के रूप में शपथ ली। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार सभी विधायक शपथ लेते हैं और मुख्यमंत्री होने के नाते उन्होंने सबसे पहले शपथ ग्रहण किया। उन्होंने कहा-आज 148 विधायक शपथ लेंगे। मैंने मुख्यमंत्री के तौर पर पहले शपथ ली है और मैंने भवानीपुर सीट से शपथ ली है। यह प्रक्रिया कल तक चलेगी और उसके बाद स्पीकर का चुनाव होगा। उनके इस बयान के बाद लगभग साफ हो गया कि वह भवानीपुर सीट अपने पास रखेंगे।
क्यों छोड़ रहे हैं नंदीग्राम सीट?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी के लिए भवानीपुर सीट राजनीतिक रूप से ज्यादा अहम बन चुकी है, क्योंकि इसी सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को हराया था। भवानीपुर लंबे समय तक ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में वहां से मिली जीत बीजेपी और सुवेंदु अधिकारी दोनों के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है। यही वजह है कि अब अधिकारी इस सीट को छोड़ना नहीं चाहते।
नंदीग्राम के लोगों को कमी महसूस नहीं होने दूंगा: CM Suvendu Adhikari
हालांकि सीट छोड़ने की चर्चा के बीच सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की जनता को भरोसा दिलाने की कोशिश की। उन्होंने कहा-"मैं नंदीग्राम के लोगों को अपनी कमी महसूस नहीं होने दूंगा। वहां के लोगों के साथ-साथ पूरे राज्य से किए गए विकास के वादों को पूरा करूंगा।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2008 के नंदीग्राम पुलिस फायरिंग कांड के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों का साथ दिया था। अधिकारी ने कहा-मैंने नंदीग्राम पुलिस फायरिंग में शहीद हुए व्यक्ति की मां फिरोजा बीबी का पूरा समर्थन किया था, जबकि उस समय मैं आधिकारिक तौर पर उस सीट का विधायक नहीं था। इस बार भी मैं उसी तरह लोगों के साथ खड़ा रहूंगा।"
ममता बनर्जी को हराकर बने राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र
इस चुनाव में सुवेंदु अधिकारी की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराना रही। उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो को 15 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। इस हार को ममता बनर्जी और टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, सुवेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। लेकिन बाद में उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली और अब वही ममता बनर्जी के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे हैं।
PM मोदी की अपील पर भी बोले सुवेंदु
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का समर्थन करते हुए कहा कि देशहित में लिए गए फैसलों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा-प्रधानमंत्री ने देशहित और जनता के हित में जो कदम उठाए हैं, हमें उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को निर्देश दिया है कि उनके काफिले में जरूरत से ज्यादा गाड़ियां न रखी जाएं।
बंगाल राजनीति में नए दौर की शुरुआत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी का नंदीग्राम सीट छोड़ना सिर्फ एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक बड़ा संदेश भी है। भवानीपुर से विधायक बने रहकर वह यह दिखाना चाहते हैं कि अब बंगाल की राजनीति में बीजेपी सीधे ममता बनर्जी के पारंपरिक गढ़ों को चुनौती दे सकती है। वहीं नंदीग्राम सीट खाली होने के बाद वहां उपचुनाव भी होना तय माना जा रहा है, जिससे बंगाल की राजनीति में एक और बड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि नंदीग्राम सीट से बीजेपी किसे उम्मीदवार बनाती है, क्या टीएमसी इस सीट को वापस जीतने की कोशिश करेगी और भवानीपुर में सुवेंदु अधिकारी किस तरह अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हैं। फिलहाल इतना तय है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी अब बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर पूरी तरह स्थापित हो चुके हैं।














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