कौन हैं हिमाचल की Mountaineer Baljeet Kaur? जिनका नेपाल की अन्नूपर्णा चोटी से किया गया सफल रेस्क्यू
Baljeet Kaur Mountaineer: माउंटेन गर्ल के नाम से मशहूर हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की रहने वाली बलजीत कौर पर्वतारोही का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। बलजीत कौर नेपाल की अन्नपूर्णा से लापता हो गई थी।

Baljeet Kaur Mountaineer: हिमाचल प्रदेश की बेटी बलजीत कौर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी अन्नपूर्णा से लापता हो गई थी, जिनका सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। बलजीत कौर को हेलीकॉप्टर के जरिये सुरक्षित अन्नापूर्णा बेस कैंप पर लाया गया।
बेस कैंप से बलजीक कौर को मेडिकल जांच के लिए काठूमांडू के अस्पताल ले जाया जाएगा, जहां पर मेडिकल जांच होगी। बता दें, पर्वतारोही बलजीत कौर ने बिना सप्लीमेंट ऑक्सीन के दुनिया की 10वीं सबसे ऊंची चोटी को फतह किया था। आइए जानते है कौन हैं पर्वतारोही बलजीत कौर...
बलजीत कौर, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की कंडाघाट तहसील के एक छोटे से गांव की रहने वाली है। बलजीत कौर के पिता का नाम अमरीक सिंह है, जो हिमाचल ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन में बस ड्राइवर हैं। बलजीत कौर की मां का नाम शांति देवी है।
बलजीत अपने तीन भाई-बहनों के साथ बचपन से ही मां की खेती बाड़ी में मदद किया करती थीं। बजलजीत कौर ने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की। स्कूल के समय से ही बलजीक कौर नेशनल कैडट कॉर्प्स यानी एनसीसी में शामिल हो गईं थी।
NCC कैंप के दौरान बलजीत ने पहली बार पर्वत पर चढ़ाई की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलजीत जब 20 साल की थी तो उन्हें माउंट देव टिब्बा के NCC अभियान के लिए चुना गया था।
साल 2015 में NCC पर्वतारोहियों की एक 10 सदस्यीय टीम के साथ बलजीत कौर माउंट त्रिशूल पर फतह करने के लिए निकले एक अभियान का हिस्सा भी बनी थी। लेकिन, खराब मौसम के कारण टीम 6350 मीटर ऊंचाई तक ही पहुंच पाई।
बता दें, माउंट त्रिशूल की ऊंचाई 7120 मीटर है। हालांकि, एक साल बाद फिर से माउंट एवरेस्ट के लिए NCC अभियान का हिस्सा बनीं। चढ़ाई के दौरान उनकी टीम 8,548 मीटर तक पहुंच गई थी, लेकिन ऑक्सीजन मास्क खराब होने की वजह से बलजीत को वापस बुला लिया गया।
इन सबस नाकामियों के बाद भी बलजीत कौर का हौसला नहीं टूटा और साल 2022 में उन्होंने उस समय इतिहास रच दिया, जब 17 मई को वह रात 10 बजे माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए रवाना हुईं।
महज पांच दिन की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने अपना सपना पूरा कर लिया। बलजीत कौर ने नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 7,161 मीटर ऊंचे माउंट पुमोरी को फतह करने की भी उपलब्धि हासिल की।
इतना ही नहीं, बलजीत कौर 8,167 मीटर ऊंचे माउंट धौलागिरी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली भी पहली भारतीय महिला पर्वतारोही बन गईं। तो वहीं, अब नेपाल के माउंट अन्नपूर्णा वापस आते वक्त बलजीत कौर अन्नपूर्णा बेस कैंप-4 के पास से लापता हो गई थी।
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खबरों के मुताबिक, बलजीत कौर को रेस्क्यू करने के लिए तीन हेलीकॉप्टर भेजे गए थे। पर्वतारोही बलजीत कौर ने 7 हजार 335 मीटर की ऊंचाई से इमरजेंसी सिग्नल भेजे थे। सिग्नल मिलने के बाद जीपीएस लोकेशन ट्रेस कर रेस्क्यू दल में बलजीत कौर को ढूंढ निकाला।
बलजीत कौर को सुरक्षित अन्नपूर्णा बेस कैंप में पहुंचा दिया गया है। बलजीत कौर के रेस्क्यू ऑपरेशन सफल होने के बाद उनके परिवार के साथ हिमाचल भर में खुशी की लहर है।












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