हिमाचल की 'मणिकर्ण घाटी' में लोग हो जा रहे लापता, अब रहस्य का पता लगाने उतरी पुलिस
हिमाचल के कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी में पिछले कई वर्षों से पर्यटकों के लापता होने का सिलसिला जारी है। पिछले 12 वर्षों में 113 पर्यटक लापता हुए थे जिनमें से 93 पर्यटकों को ढूंढ निकाला है लेकिन अभी भी 20 पर्यटकों का कोई सुराग नहीं है। डीआईजी सेंटर रेंज मधुसूदन शर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ताजा मामले में दिल्ली के 22 वर्षीय अक्षय सेठी 29 मई से कसोल के ग्रहण से लापता हुए हैं।
पुलिस पिछले 23 दिनों से लगातार अक्षय को ढूंढने के लिए कार्य कर रही है। सेना के हेलीकाप्टर और एसडीआरएफ डॉग स्क्वायड की टीम ने पूरे एरिया को छान मारा लेकिन अक्षय कुमार का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। अब पुलिस के लिए यह घटना किसी रहस्य की तरह हो गई है। पुलिस को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? आखिर पर्यटक लापता क्यों हो रहे हैं?

पिछले दिनों एक महिला भी लापता हो गई थी
डीआईजी ने कहा कि पिछले तीन दिनों से तीर्थन घाटी नदी में भी एक महिला बह गई थी जिसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। भारी बारिश के चलते नदी का पानी बढ़ता जा रहा है जिससे महिला को ढूंढ़ने में और परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी में पर्यटक लापता क्यों हो रहे हैं,इसको लेकर पुलिस गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।
होटल के मालिक सही से काम नहीं कर रहे
डीआईजी ने कहा कि मणिकर्ण घाटी में होटल के मालिक के द्वारा सही से काम नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस इसको लेकर भी होटल कारोबारियों से मुलाकात कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है। सभी होटल कारोबारियों से अपील की जा रही है कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को लेकर होटल में ठहरने पर उनकी पूरी जानकारी लेने की जरूरत है। डीआईजी ने कहा कि पुलिस ग्रामीणों से भी बात कर रही है और इस मामले में जानकारी साझा करने के लिए कह रही है।












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