हिमाचल प्रदेश 2017: सीट नंबर 26 करसोग (आरक्षित अनूसूचित जाति) विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानिये
शिमला। करसोग विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सीट नंबर 26 है। मंडी जिला में स्थित यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2012 में इस क्षेत्र में कुल 60,706 मतदाता थे । 2012 के विधानसभा चुनाव में मनसा राम इस क्षेत्र के विधायक चुने गए। पीर पंजाल पर्वत माला में बसी करसोग घाटी चमत्कार और रहस्यों का भंडार है।अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों, अनूठी लोक-संस्कृति, पौराणिक मंदिरों, सेब के बगीचों और देवदार, चील, अखरोट, ढेरों जड़ी-बूटियों आदि के पेड़ों से सजी एक ऐसी अनछुई घाटी है जिसका सौंदर्य देखते ही बनता है।

करसोग घाटी को रहस्य और मंदिरों की घाटी कहा जाता है। पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहीं पर समय बिताया था और माना जाता है कि वे यहीं से हिमालय को पार करके उत्तर की ओर गंधमादन पर्वत पहुंच गए थे, जहां भीम की मुलाकात रामभक्त हनुमान से हुई थी। ममलेश्वर महादेव, कामाक्षा माता मंदिर, मांहुनाग मंदिर, धमूनी नाग मंदिर, देव दवाडी मंदिर दवाहड, षाहोट व थनाडी, च्वासी सिद्ध, मगरू महादेव मंदिर छतरी, चिंढी माता मंदिर, महामाया मंदिर पागणा, देव बडोयगी, शिकारी माता मंदिर, त्रिलोकनाथ शिव मंदिर, भूतनाथ मंदिर, श्यामाकाली मंदिर और अद्र्धनारीश्वर मंदिर करसोग के आभूषण हैं। करसोग रिजर्व सीट है। जिसके चलते यहां कोई जातिगत समीकरण बनने बिगडऩे का सवाल पैदा नहीं होता। वहीं यहां मनसा राम का इलाके में अपना प्रभाव रहा है। उन्होंने राजनैतिक दल भी बदले,लेकिन फिर भी विधायक चुने गये।

वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2012 मनसा राम कांग्रेस
2007 हिरा लाल निर्दलीय
2003 मस्त राम कांग्रेस
1998 मनसा राम हिमाचल विकास कांग्रेस
1993 मस्त राम कांग्रेस
1990 जोगिन्द्र पाल भाजपा
1985 जोगिन्दर राज भाजपा
1982 मंशा राम निर्दलीय
1977 जोगिन्द्र पाल जनता पार्टी

विधायक मनसा राम साधारण परिवार से हैं। उन्होंने दल बदले,लेकिन फिर भी चुनाव जीतते रहे। मनसा राम पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजूयेट हैं। 77 वर्षीय मनसा राम के चार बेटे व एक बेटी है। उन्होंने अपना कैरियर सरकारी अध्यापक के तौर पर शुरू किया व 1967 में राजनिति में शामिल होते ही सरकारी नौकरी छोड़ दी। 1967 में मनसा राम ने निर्दलीय विधायक के तौर पर पहला चुनाव जीता। व बाद में कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गये । 1972 व बाद में 1982 में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव जीता। 1998 में उन्होंने हिमाचल विकास कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता। उसके बाद भाजपा में शामिल हो गये। उसके बाद 2012 में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी केि तौर पर चुनाव जीता। व सरकार में प्रोटेम स्पीकर बने। अपने कार्यकाल के दौरान मनसा राम उद्योग राज्य मंत्री, कल्याण राज्य मंत्री और खाद्य एंव आपूर्ति मंत्री का दायित्व भी बखूबी निभाया। मनसा राम विवादों से दूर ही रहे।












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