करोड़पति विधायकों को कौड़ियों के भाव में जमीन देगी सरकार
शिमला। हिमाचल सरकार प्रदेश के चुनाव से चंद दिन पहले एक ऐसा फैसला लेने जा रही है, जिस पर अभी से उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। सरकार अपने कार्यकाल के अंत में पक्ष व विपक्ष के विधायकों को खुश करने के मकसद से शिमला में विशाल भूखंड कौड़ियों के भाव विधायकों को देगी ताकि वह अपना मकान यहां बना सकें। सरकार इस प्रस्ताव को केबिनेट में लाई व उसे पास भी करा लिया गया लेकिन अब इसके विरोध में आवाज बुलंद होने लगी है। सरकार ने विधायकों को सौगात देते हुए 30 बीघा से अधिक जमीन विधायकों की हाउसिंग सोसायटी को देने का फैसला लिया है। यह सब उस दौर में होने जा रहा है, जब प्रदेश के विधायकों को बाकायदा शिमला स्थित विधानसभा परिसर में फ्लैट मिले हुए हैं और उन्हें चार फीसदी ब्याज दर पर हाउस लोन एडवांस में देने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा अधिकांश नेताओं की शिमला में आलीशान भवन हैं।

करोड़पति और आलीशान बंगलों के मालिक
हैरानी की बात यह है कि हिमाचल विधानसभा के 68 विधायकों में 80 फीसदी से अधिक विधायक करोड़पति हैं। इस पर भी अब सरकार उन्हें उपकृत करते हुए शिमला के पास तीस बीघा से अधिक जमीन देने जा रही है। वीरभद्र सरकार के इस फैसले की चौतरफा आलोचना भी शुरू हो गई है। और तो और पार्टी के विधायक और सीपीएस नीरज भारती ने तो सोशल मीडिया पर इसका विरोध करते हुये अपने फेस बुक पेज पर पोस्ट डालते हुए इस फैसले को गलत करार दिया है। वहीं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल और भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती भी फैसले के विरोध में हैं। हलांकि राजस्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कौल सिंह ठाकुर ने अपने विभाग से जुड़े इस फैसले का तार्किक बचाव कर रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष की संपत्ति 200 करोड़
गौरतलब है कि हिमाचल में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं। यहां पालमपुर से विधायक और वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष बीबीएल बुटेल सबसे अमीर राजनेता हैं। उनकी संपत्ति 200 करोड़ से अधिक की है। इतनी विशाल संपत्ति का कारण उनका चाय बागानों का मालिक होना है। बुटेल के अलावा अमीर नेताओं में शुमार विधायकों की लिस्ट काफी लंबी है। पिछले चुनाव के समय दिए गए संपत्ति के हलफनामे के अनुसार चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा की संपत्ति चालीस करोड़ से अधिक है। इसी तरह मंडी सदर सीट से विधायक और कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा 29 करोड़, सीएम वीरभद्र सिंह 34 करोड़, नगरोटा बगवां के विधायक और मंत्री जीएस बाली 24 करोड़, लाहौल से विधायक रवि कुमार 16 करोड़, दून से विधायक रामकुमार 33 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति के मालिक हैं।

विधायकों को वेतन भत्ते के तौर पर मिलते हैं 1.30 लाख
इसी तरह नाहन के विधायक राजीव बिंदल, सुंदरनगर से विधायक सोहन लाल, ठियोग से विधायक और कैबिनेट मंत्री विद्या स्टोक्स, कुसुम्पटी से अनिरुद्ध सिंह, गगरेट से राकेश कालिया, फतेहपुर से विधायक और कैबिनेट मंत्री सुजान सिंह व पांवटा से विधायक किरनेश जंग पांच से दस करोड़ रुपए तक की संपत्ति के मालिक हैं। इसके अलावा 22 अन्य विधायक भी करोड़पति हैं। वहीं शिमला में कई राजनेताओं के पास आलीशन मकान हैं। शिमला के टुटू में कांग्रेस नेता चंद्रकुमार, गंगूराम मुसाफिर के बहुमंजिला मकान हैं। हीरानगर में 16 नेताओं के मकान हैं, जिनमें से कुछ को किराए पर चढ़ाया गया है। इसके अलावा राजन सुशांत, मिल्खीराम गोमा, सुधीर शर्मा, बलदेव शर्मा के मकान भी शिमला में हैं। विधायकों को पहले ही विधानसभा परिसर में फ्लैट मिले हुए हैं। वीरभद्र सिंह का निजी आवास भी शिमला में है। विधायकों को मकान बनाने के लिए चार फीसदी नाममात्र ब्याज पर एडवांस में हाउस लोन की सुविधा है। साथ ही विधायकों को वेतन व भत्ते के तौर पर महीने में 1.30 लाख रुपए से अधिक मिलते हैं।

भाजपा ने कहा, सत्ता में आने पर करेंगे फैसले का रिव्यू
शिमला में प्रदेश भर से लोग विभिन्न कार्यों से रिहाईश की जरूरत महसूस करते हैं। अधिकांश लोग किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। शिमला में इस समय प्राइम लोकेशन पर टू-बीएचके की कीमत 28 से 32 लाख रुपए के बीच है। जमीन के रेट भी प्राइम लोकेशन पर 8 से 12 लाख रुपए बिस्वा हैं। एक साधारण मकान बनाने के लिए कम से कम चार बिस्वा जमीन चाहिए। ऐसे में जब आम जनता दो कमरों के मकान का सपना भी नहीं देख पा रही, वीरभद्र सरकार करोड़पति विधायकों को कौड़ियों के भाव जमीन देने जा रही है। वामपंथी नेता डॉ. केएस तंवर ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे बेहूदा फैसला करार दिया है। पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने तो यहां तक कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा इसे रिव्यू करेगी।












Click it and Unblock the Notifications